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भारत-ईयू FTA: दो दशक लंबी बातचीत के बाद आखिरकार भारत और यूरोपीय संघ ने ट्रेड डील पक्की की

Politics  •  👁 7 views  •  28 Jan 2026
भारत-ईयू FTA: दो दशक लंबी बातचीत के बाद आखिरकार भारत और यूरोपीय संघ ने ट्रेड डील पक्की की
नई दिल्ली/ब्रुसेल्स: भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने दो दशकों लंबी बातचीत के बाद आखिरकार फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर समझौता कर लिया है। इस समझौते का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना और आर्थिक सहयोग को मजबूत करना है।
वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस समझौते के तहत भारतीय उत्पादों पर EU में निर्यात आसान होगा, जबकि यूरोपीय कंपनियों को भारत में निवेश और व्यापार की नई सुविधाएं मिलेंगी। FTA में कृषि, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, और सेवा क्षेत्र जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह समझौता भारत की अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। इससे भारतीय कंपनियों को यूरोप के बड़े बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी और निर्यात में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ेंगी। वहीं, यूरोपीय कंपनियों के लिए भारत में निवेश और व्यापार के अवसर और खुलेंगे।
दोनों पक्षों ने कहा कि FTA केवल टैरिफ कटौती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बाज़ार पहुंच, निवेश संरक्षण, बौद्धिक संपदा अधिकार और सतत विकास जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है। भारत और EU ने यह भी जोर दिया कि यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए न्यायसंगत और संतुलित होगा।
सरकार के अनुसार, इस समझौते से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, विदेशी निवेश आकर्षित होगा और व्यापार घाटा कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, यह समझौता भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में और मजबूत स्थान दिलाने में भी सहायक होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-ईयू FTA दोनों पक्षों के लिए जीत-जीत वाला कदम है और यह लंबे समय तक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देगा।