The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 Spoton Global Group: भारत का उभरता हुआ Skill, Media और Growth Ecosystem     🔴 न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव एवं न्यायाधीश राजीव बंसल् कुशल मार्गदर्शन में किया कुल 1,20,742 यातायात चालानों का सफलतापूर्वक निस्तारण     🔴 सेल्फी का शौक या मौत को बुलावा? सड़क पर लापरवाही पड़ सकती है भारी     🔴 व्हाट्सएप हैक कर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़: बिहार शरीफ से 5 साइबर ठग गिरफ्तार     🔴 “अकोला के जावेद हिदायत पटेल बने महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस के महासचिव, जिले में खुशी की लहर”     🔴 अकोला के मुसैब इकबाल ने किया नाम रोशन, बी.ई. सिविल में प्रथम श्रेणी से सफलता हासिल     🔴 सावधान! पुराने मोबाइल के बदले नए बर्तन का लालच पड़ सकता है भारी: बिहार में अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश     🔴 गांव की बेटियों के सपनों को मिला मंच: रविकिरण हेलगे और सजावर सर का सपना हो रहा साकार”     🔴 ग्रासरूट स्तर पर खिलाड़ियों की तैयारी को सुदृढ़ करे : रामपाल मान द्रोणाचार्य अवार्डी     🔴 स्थायी समिति सभापति बनने पर विजय अग्रवाल का भव्य सत्कार, Spoton Global Group ने दी शुभकामनाएं    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

‘आप एक कलाकार को मार रहे हैं’: अरिजीत सिंह ने बॉलीवुड की ‘अनुचित’ भुगतान व्यवस्था पर उठाए सवाल, घर में अपने गाने बजाने पर भी लगाई रोक

Entertainment   •   👁 25 views   •   28 Jan 2026
‘आप एक कलाकार को मार रहे हैं’: अरिजीत सिंह ने बॉलीवुड की ‘अनुचित’ भुगतान व्यवस्था पर उठाए सवाल, घर में अपने गाने बजाने पर भी लगाई रोक
बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय और संवेदनशील गायकों में शुमार अरिजीत सिंह ने हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री की भुगतान व्यवस्था को लेकर तीखी और भावुक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे गायकों और कलाकारों के प्रति “अनुचित” बताते हुए कहा कि मौजूदा सिस्टम रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के बजाय कलाकार को धीरे-धीरे खत्म कर रहा है।
एक बातचीत के दौरान अरिजीत सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बॉलीवुड में गायक अक्सर सबसे कम भुगतान पाने वालों में होते हैं, जबकि उनकी आवाज़ ही किसी गाने की आत्मा होती है। उन्होंने कहा, “जब आप किसी कलाकार को उसकी मेहनत का सही मूल्य नहीं देते, तो आप असल में एक कलाकार को मार रहे होते हैं।” उनका मानना है कि संगीत को सिर्फ उत्पाद की तरह देखने की सोच ने कला की गरिमा को नुकसान पहुँचाया है।
इस मानसिक दबाव और आत्ममंथन के चलते अरिजीत सिंह ने एक निजी लेकिन चौंकाने वाला फैसला भी लिया—उन्होंने अपने घर में अपने ही गाने बजाने पर रोक लगा दी। उनके अनुसार, वह अपने संगीत को अब काम के बोझ और बाज़ार की अपेक्षाओं से अलग रखना चाहते हैं। यह कदम उनकी सादगी और आत्मचिंतनशील स्वभाव को भी दर्शाता है।
अरिजीत ने यह भी संकेत दिया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और बड़े म्यूज़िक लेबल्स के दौर में कलाकारों की सौदेबाज़ी की ताकत कम होती जा रही है। स्ट्रीमिंग से मिलने वाला राजस्व अक्सर गायकों तक ठीक से नहीं पहुँचता, जबकि उनके गाने करोड़ों बार सुने जाते हैं।
उनकी यह टिप्पणी सिर्फ एक व्यक्तिगत शिकायत नहीं, बल्कि पूरी इंडस्ट्री के लिए आत्ममंथन का विषय बन गई है। कई संगीतकारों और प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उनका समर्थन किया और संगीत उद्योग में पारदर्शी व न्यायसंगत भुगतान व्यवस्था की मांग उठाई।
अरिजीत सिंह की यह आवाज़ यह याद दिलाती है कि चमक-दमक के पीछे कलाकारों का संघर्ष अक्सर अनदेखा रह जाता है। सवाल यही है—क्या बॉलीवुड सच में अपने कलाकारों को वह सम्मान और अधिकार दे रहा है, जिसके वे हकदार हैं?