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टेक्सास में H-1B वीज़ा रोक: गवर्नर का बड़ा फैसला, विदेशी विशेषज्ञों की नियुक्ति पर ब्रेक

International  •  👁 5 views  •  28 Jan 2026
टेक्सास में H-1B वीज़ा रोक: गवर्नर का बड़ा फैसला, विदेशी विशेषज्ञों की नियुक्ति पर ब्रेक
अमेरिका के टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने मंगलवार को एक अहम आदेश जारी किया है जिसमें राज्य की सरकारी एजेंसियों और सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में नए H-1B वीज़ा याचिकाओं (visa petitions) पर रोक लगा दी गई है। यह रोक 31 मई 2027 तक लागू रहेगी, जब तक कि टेक्सास विधानमंडल अगले सत्र में इस मुद्दे पर समीक्षा नहीं कर लेता।
H-1B वीज़ा कार्यक्रम के तहत अमेरिका विदेशी पेशेवरों को तकनीकी, शोध और विशेषज्ञ कार्यों के लिए नियुक्ति की अनुमति देता है। टेक्सास जैसे बड़े राज्य में इस वीज़ा का इस्तेमाल विश्वविद्यालयों, अस्पतालों और सरकारी शोध केंद्रों में किया जाता है।
एबॉट ने अपने आदेश में कहा है कि राज्य को पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि टैक्सपेयर द्वारा वित्त पोषित नौकरियां पहले टेक्सास के नागरिकों के लिए उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि संघीय H-1B प्रोग्राम के “दुरुपयोग” की रिपोर्टें सामने आई हैं और इसलिए राज्य स्तर पर नई याचिकाओं पर रोक लगाई जा रही है। इसके तहत सभी एजेंसियों और विश्वविद्यालयों को यह भी रिपोर्ट जमा करनी होगी कि वे पिछले साल कितनी H-1B याचिकाएं दायर कर चुके हैं और वे कौन-सी भूमिकाएं हैं जिनमें विदेशी श्रमिक कार्यरत हैं।
इस फैसले के समर्थक मानते हैं कि इससे अमेरिकी नागरिकों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और विदेशी वर्करों के अनुचित उपयोग को रोका जा सकेगा। वहीं आलोचक कहते हैं कि इससे महत्वपूर्ण शोध और शिक्षा संस्थानों में प्रतिभा की कमी, भर्ती में कठिनाई और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
तकनीकी और शिक्षा-क्षेत्र में H-1B वीज़ा का बड़ा योगदान रहा है, खासकर कंप्यूटर साइंस, इंजीनियरिंग और चिकित्सा अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में। इस रोक का असर न सिर्फ टेक्सास में, बल्कि वैश्विक प्रतिभाओं के लिए अमेरिका को आकर्षित करने की क्षमता पर भी देखा जाएगा।
यह कदम अमेरिका में वर्तमान इमिग्रेशन नीतियों और स्थानीय रोजगार प्राथमिकताओं के बीच संतुलन तलाशने की एक कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है, जो आने वाले महीनों में और बहस का विषय बन सकता है।