The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

एंटोनियो कोस्टा का भारत कनेक्शन: गोवा मूल से यूरोपियन काउंसिल हेड तक, कैसे बनी EU-भारत फ्री ट्रेड डील की राह

International  •  👁 11 views  •  27 Jan 2026
एंटोनियो कोस्टा का भारत कनेक्शन: गोवा मूल से यूरोपियन काउंसिल हेड तक, कैसे बनी EU-भारत फ्री ट्रेड डील की राह
यूरोपियन काउंसिल के प्रमुख एंटोनियो कोस्टा इन दिनों भारत-यूरोपीय संघ (EU) संबंधों में एक अहम नाम बनकर उभरे हैं। खास बात यह है कि कोस्टा का भारत से गहरा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव है—उनकी जड़ें गोवा से जुड़ी मानी जाती हैं। इसी पृष्ठभूमि को कई विश्लेषक EU-भारत फ्री ट्रेड डील (FTA) को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कारक मान रहे हैं।
एंटोनियो कोस्टा, जो पहले पुर्तगाल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं, यूरोपीय राजनीति में भारत-समर्थक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। भारत के साथ पुर्तगाल के ऐतिहासिक रिश्ते, खासकर गोवा के औपनिवेशिक अतीत ने, कोस्टा की सोच को आकार दिया है। वे कई बार सार्वजनिक मंचों पर भारत को रणनीतिक साझेदार, न कि सिर्फ एक उभरता बाजार बता चुके हैं।
EU-भारत फ्री ट्रेड डील वर्षों से बातचीत के दौर से गुजर रही थी। व्यापार असंतुलन, टैरिफ, डेटा प्रोटेक्शन और लेबर स्टैंडर्ड जैसे मुद्दों पर मतभेद बने हुए थे। लेकिन कोस्टा के नेतृत्व में यूरोपियन काउंसिल ने व्यावहारिक और राजनीतिक इच्छाशक्ति आधारित दृष्टिकोण अपनाया, जिससे वार्ताओं को नई गति मिली।
विशेषज्ञों का मानना है कि कोस्टा ने भारत की आर्थिक प्राथमिकताओं, घरेलू संवेदनशीलताओं और विकासशील अर्थव्यवस्था की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझा। इसी कारण EU ने कृषि, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में लचीला रुख अपनाया।
इस फ्री ट्रेड डील से भारत को निर्यात बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन में मदद मिलने की उम्मीद है, वहीं EU को एशिया में एक विश्वसनीय आर्थिक और रणनीतिक साझेदार मिलेगा।
कुल मिलाकर, एंटोनियो कोस्टा का गोवा से जुड़ा भारत कनेक्शन केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि कूटनीतिक और आर्थिक स्तर पर भी असरदार साबित हुआ है। यह दिखाता है कि व्यक्तिगत इतिहास और वैश्विक राजनीति कभी-कभी बड़े अंतरराष्ट्रीय समझौतों की दिशा तय कर सकते हैं।