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अगर कनाडा ने अमेरिका से F-35 नहीं खरीदे तो उनके एयरस्पेस में फाइटर जेट भेजने पड़ेंगे: एम्बेसडर का बयान

International  •  👁 4 views  •  27 Jan 2026
अगर कनाडा ने अमेरिका से F-35 नहीं खरीदे तो उनके एयरस्पेस में फाइटर जेट भेजने पड़ेंगे: एम्बेसडर का बयान
कनाडा की रक्षा नीति को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है। एक वरिष्ठ अमेरिकी एम्बेसडर ने कहा है कि यदि कनाडा अमेरिका से F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट नहीं खरीदता है, तो उत्तर अमेरिकी सुरक्षा के तहत अमेरिका को कनाडा के एयरस्पेस में अपने फाइटर जेट तैनात करने पड़ सकते हैं। इस बयान ने रक्षा और कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
एम्बेसडर के अनुसार, कनाडा और अमेरिका NORAD (नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड) के तहत संयुक्त रूप से हवाई सुरक्षा की जिम्मेदारी साझा करते हैं। यदि कनाडा अपने पुराने फाइटर जेट बेड़े को समय पर आधुनिक नहीं करता, तो हवाई निगरानी और प्रतिक्रिया क्षमता कमजोर हो सकती है। ऐसे में अमेरिका को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीधे हस्तक्षेप करना पड़ सकता है।
F-35 को दुनिया के सबसे उन्नत पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों में गिना जाता है। इसमें स्टेल्थ तकनीक, एडवांस्ड सेंसर और नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर क्षमताएं शामिल हैं। अमेरिका का मानना है कि F-35 की खरीद से कनाडा न केवल अपनी सुरक्षा मजबूत करेगा, बल्कि संयुक्त रक्षा ढांचे को भी सुदृढ़ करेगा।
हालांकि, कनाडा में इस सौदे को लेकर राजनीतिक और आर्थिक बहस जारी है। कुछ वर्गों का तर्क है कि F-35 सौदा बेहद महंगा है और इसके रखरखाव की लागत भी अधिक है। वहीं, रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य—खासकर आर्कटिक क्षेत्र और रूस-चीन की बढ़ती गतिविधियों—को देखते हुए कनाडा के लिए आधुनिक फाइटर जेट जरूरी हैं।
इस बयान को दबाव की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। साफ है कि F-35 सौदा केवल एक रक्षा खरीद नहीं, बल्कि कनाडा-अमेरिका सुरक्षा साझेदारी और संप्रभुता से जुड़ा अहम मुद्दा बन चुका है।