The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

इरान के साथ तनाव के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में विमानवाहक पोत तैनात किया

International  •  👁 11 views  •  27 Jan 2026
इरान के साथ तनाव के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में विमानवाहक पोत तैनात किया
अमेरिका ने मध्य पूर्व क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी मजबूत करते हुए प्रमुख विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln और उसके साथियों को तैनात किया है। यह कदम इरान के साथ जारी बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है और क्षेत्र की सुरक्षा तथा संभावित सैन्य विकल्पों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, इस तैनाती में USS Abraham Lincoln कैरियर स्ट्राइक ग्रुप, तीन मार्गदर्शित मिसाइल विध्वंसक और हजारों अमेरिकी कर्मी शामिल हैं, जिनमें F‑35C और F/A‑18 लड़ाकू विमान भी तैनात हैं। यह समूह क्षेत्र में “क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने” के लिए भेजा गया है।
यह कदम विशेष रूप से इरान में भीषण विरोध प्रदर्शन और उनके दमन के चलते बढ़ते अमेरिका‑इरान तनाव के बीच आया है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार इस तैनाती का उद्देश्य राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संभावित सैन्य कार्रवाई पर विचार करने के लिए अधिक विकल्प देना भी है, हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह शुरुआत में रक्षात्मक और प्रत्याशात्मक कदम है।
इरान ने पहले ही चेतावनी दी है कि किसी भी अमेरिकी हमले को वह “पूर्ण युद्ध” के रूप में मानेंगे, जिससे क्षेत्र में व्यापक संघर्ष फैलने का जोखिम बढ़ गया है। इसके अलावा, कुछ क्षेत्रीय पक्ष जैसे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने स्पष्ट किया है कि वे अपने भूमि या हवाई क्षेत्र का उपयोग किसी भी हमले के लिए नहीं होने देंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका “एक बड़ी नौसैनिक फौज (armada)” क्षेत्र की ओर अग्रसर है, और साथ ही यह भी संकेत दिया कि इरान संभावित बातचीत और समझौते में दिलचस्पी रखता है। इससे पता चलता है कि अमेरिका सैन्य दबाव और राजनयिक प्रयासों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।
इस तैनाती से न केवल क्षेत्रीय तनाव में वृद्धि की आशंका है, बल्कि यह वैश्विक रणनीतिक समीकरणों पर भी प्रभाव डाल सकता है, खासकर जब अमेरिका और ईरान दोनों संभावित संघर्ष और बातचीत के बीच की स्थिति में खड़े हैं।