The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

सियासी मुकाबला 2029 तक: बीजेपी की राह आसान, विपक्ष फिर से मोर्चा संभालने की कोशिश में

Politics  •  👁 10 views  •  27 Jan 2026
सियासी मुकाबला 2029 तक: बीजेपी की राह आसान, विपक्ष फिर से मोर्चा संभालने की कोशिश में
भारत में 2029 तक की राजनीति का पहला बड़ा संकेत सामने आने लगा है। बीजेपी अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है, जबकि विपक्ष नई रणनीतियों और गठबंधन की संभावनाओं के जरिए खुद को फिर से सियासी मैदान में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में आगामी चुनाव इस राजनीतिक खेल की दिशा तय कर सकते हैं।
बीजेपी के लिए यह समय सुनहरा माना जा रहा है। पार्टी ने कई राज्यों में संगठनात्मक ढांचा मजबूत किया है और केंद्र व राज्य स्तर पर विकास और कल्याण योजनाओं के जरिए अपनी लोकप्रियता बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। 2029 तक सत्ता में बने रहने के लिए बीजेपी नए मुद्दों और नीतियों पर फोकस कर रही है, जिससे विपक्ष को चुनौती देना आसान न हो।
वहीं, विपक्षी दलों की कोशिशें भी कम नहीं हैं। वे राजनीतिक समीकरण बदलने, गठबंधन बनाने और राज्य स्तर पर मजबूत संगठन खड़ा करने की दिशा में काम कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, तमिलनाडु में DMK और केरल में लेफ्ट के गठबंधन को मजबूत कर केंद्र की बीजेपी की संभावित रणनीति को चुनौती देने की तैयारी की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 2029 तक राजनीतिक परिदृश्य काफी बदल सकता है। बीजेपी का फोकस केंद्र और राज्य में विकास मुद्दों पर रहेगा, जबकि विपक्ष का फोकस सांप्रदायिक और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ-साथ युवा और अल्पसंख्यक वोट बैंक पर रहेगा।
इसलिए आने वाले वर्षों में भारत की राजनीति में केंद्र और राज्य स्तर पर सघन मुकाबला, गठबंधन की रणनीतियां और राजनीतिक ध्रुवीकरण मुख्य रूप से देखने को मिलेंगे। 2029 तक का रोडमैप तय करने में यह राज्यों का प्रदर्शन निर्णायक साबित होगा।