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यूपी में कांग्रेस को क्यों लगा बड़ा झटका: पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी का पार्टी से बाहर जाना

Politics  •  👁 6 views  •  27 Jan 2026
यूपी में कांग्रेस को क्यों लगा बड़ा झटका: पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी का पार्टी से बाहर जाना
उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस पार्टी को उस समय बड़ा झटका लगा, जब राज्य के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पार्टी से अलग होने का फैसला किया। ऐसे दौर में जब कांग्रेस यूपी में अपनी खोई हुई राजनीतिक ज़मीन वापस पाने की कोशिश कर रही है, नसीमुद्दीन सिद्दीकी का बाहर जाना पार्टी के लिए एक गंभीर नुकसान माना जा रहा है।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी कांग्रेस के उन गिने-चुने नेताओं में थे, जिनकी जमीनी पकड़ मजबूत थी। खासकर अल्पसंख्यक समुदाय और दलित वर्गों में उनकी अच्छी पैठ मानी जाती थी। लंबे समय तक मंत्री रहे सिद्दीकी प्रशासनिक अनुभव और राजनीतिक समझ के कारण पार्टी के लिए अहम कड़ी बने हुए थे। उनकी मौजूदगी कांग्रेस को उन इलाकों में सहारा देती थी, जहां पार्टी लगातार कमजोर होती जा रही है।
संगठनात्मक स्तर पर भी उनका महत्व कम नहीं था। नसीमुद्दीन सिद्दीकी राज्य नेतृत्व और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच सेतु की भूमिका निभाते थे। चुनावों के दौरान कार्यकर्ताओं को एकजुट करना और गुटबाज़ी को संभालना उनकी खासियत रही है। उनके जाने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में निराशा फैलने की आशंका है, जो पहले से ही पार्टी की रणनीति को लेकर असमंजस में हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके बाहर जाने से कांग्रेस की अल्पसंख्यक वोट बैंक पर पकड़ और कमजोर हो सकती है। समाजवादी पार्टी और अन्य क्षेत्रीय दल पहले से ही इसी वर्ग पर फोकस कर रहे हैं, ऐसे में कांग्रेस के लिए चुनौती और बढ़ गई है।
कुल मिलाकर, नसीमुद्दीन सिद्दीकी का पार्टी छोड़ना कांग्रेस के लिए केवल एक नेता का नुकसान नहीं, बल्कि यूपी में पार्टी की साख, संगठन और चुनावी संभावनाओं पर पड़ने वाला गहरा असर है।