The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

'अधूरे वादे': CPI(M)-AIKS का आदिवासी किसानों का संयुक्त मार्च मुंबई पहुंचा; आज मुख्यमंत्री से होगी मुलाकात

Politics  •  👁 8 views  •  27 Jan 2026
'अधूरे वादे': CPI(M)-AIKS का आदिवासी किसानों का संयुक्त मार्च मुंबई पहुंचा; आज मुख्यमंत्री से होगी मुलाकात
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में आज एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक आयोजन देखने को मिला। CPI(M) और AIKS (All India Kisan Sabha) के आदिवासी किसानों का संयुक्त मार्च मुंबई पहुंचा, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार से कृषि और आदिवासी मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करना है। यह मार्च किसानों की नाराजगी और “अधूरे वादों” को लेकर आयोजित किया गया है।
किसानों का कहना है कि पिछले वर्षों में सरकार ने उन्हें कई वादे किए थे, जिनमें कृषि कर्ज माफी, जमीन संरक्षण और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी शामिल थे। हालांकि, अब तक इन वादों में से अधिकांश पूरी तरह लागू नहीं हुए हैं। इसलिए आदिवासी किसान और किसान संगठनों ने यह मार्च आयोजित किया, ताकि उनकी आवाज सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक पहुंचे।
मार्च के दौरान किसानों ने सड़क मार्ग से मुंबई तक यात्रा की और途中 विभिन्न जिलों में स्थानीय प्रदर्शन और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए। इसके जरिए उन्होंने आम जनता को अपने मुद्दों और कठिनाइयों से अवगत कराया। AIKS और CPI(M) के नेताओं ने बताया कि आज शाम उन्हें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने का मौका मिलेगा, जिसमें वे अपनी समस्याओं और मांगों को सीधे रखेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मार्च महाराष्ट्र के कृषि और आदिवासी नीतियों पर सरकार के ध्यान केंद्रित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। इससे यह भी पता चलता है कि किसान और आदिवासी समाज अब अपने अधिकारों और कल्याण के लिए संगठित होकर आवाज उठा रहे हैं।
किसानों का यह संयुक्त प्रयास न केवल उनके मुद्दों को उजागर करेगा, बल्कि राज्य सरकार और प्रशासन के लिए नीतिगत सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने में भी मददगार साबित हो सकता है।
मुंबई पहुंचकर किसानों का स्वागत विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने किया, और पूरे शहर में उनकी समस्या को लेकर चर्चा जारी है।