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दिल्ली की हवा जनवरी के मध्य तक साफ़ क्यों नहीं हुई? जानिए कारण और प्रभाव

Nature  •  👁 11 views  •  27 Jan 2026
दिल्ली की हवा जनवरी के मध्य तक साफ़ क्यों नहीं हुई? जानिए कारण और प्रभाव
दिल्ली की हवा आम तौर पर जनवरी के मध्य तक साफ़ हो जाती है, लेकिन इस साल यह स्थिति नहीं बनी है। राजधानी में वायु गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका मुख्य कारण मौसमी बदलाव, स्थानीय प्रदूषण और पड़ोसी राज्यों से आने वाला धुंध है।
विशेष रूप से, दिल्ली में वाहनों से निकलने वाला धुआं, उद्योगों का प्रदूषण और ठंड के मौसम में कोहरे की मौजूदगी मिलकर वायु की सफाई में बाधा डालते हैं। जनवरी में आमतौर पर पश्चिमी हवा और वर्षा का प्रभाव हवा को साफ़ करने में मदद करता है, लेकिन इस बार यह प्राकृतिक प्रक्रिया अपेक्षित रूप से नहीं हुई।
इसके अलावा, उत्तर भारत के आसपास के राज्यों में पराली जलाना भी दिल्ली की हवा को प्रभावित कर रहा है। हर साल अक्टूबर-नवंबर में फसल अवशेष जलाने से निकलने वाला धुआं और कण दिल्ली में प्रवेश करते हैं, जो जनवरी तक हवा को साफ़ होने नहीं देता। विशेषज्ञ बताते हैं कि इस बार मौसम की अनियमितता और कम वर्षा ने हवा को स्वाभाविक रूप से साफ़ होने से रोका।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषित हवा से सांस संबंधी बीमारियां, आंखों और त्वचा की समस्याएं बढ़ सकती हैं। नागरिकों को सलाह दी जा रही है कि वे घर के अंदर रहकर मास्क पहनें और एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।
दिल्ली सरकार ने भी सड़क पर वाहन नियंत्रण, उद्योगों पर निगरानी और पेड़ लगाना जैसी योजनाओं को तेज किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए तो अगले कुछ हफ्तों में हवा की गुणवत्ता में सुधार संभव है।
इस स्थिति से यह स्पष्ट है कि दिल्ली में हवा की सफाई सिर्फ मौसम पर निर्भर नहीं है, बल्कि स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण और पड़ोसी राज्यों के सहयोग पर भी निर्भर करती है।