The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

"भारत-रूस 2030 तक 100 अरब डॉलर ट्रेड टारगेट की दिशा में आत्मविश्वास से आगे: राजदूत"

International  •  👁 11 views  •  26 Jan 2026
"भारत-रूस 2030 तक 100 अरब डॉलर ट्रेड टारगेट की दिशा में आत्मविश्वास से आगे: राजदूत"
भारत और रूस दोनों देश 2030 तक 100 अरब डॉलर का ट्रेड टारगेट हासिल करने की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यह जानकारी हाल ही में रूस में भारत के राजदूत ने साझा की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को और मजबूत करने के लिए कई रणनीतियाँ बनाई जा रही हैं।
राजदूत ने बताया कि भारत और रूस के बीच अब तक के व्यापारिक संबंध सकारात्मक रहे हैं और दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं में विविध क्षेत्रों में साझेदारी की क्षमता है। ऊर्जा, कृषि, रक्षा, फार्मा और तकनीकी क्षेत्र ऐसे प्रमुख क्षेत्र हैं, जिनमें सहयोग को और बढ़ाया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच यह व्यापारिक लक्ष्य सिर्फ आर्थिक वृद्धि ही नहीं, बल्कि राजनीतिक और रणनीतिक साझेदारी को भी सुदृढ़ करेगा। भारत के निर्यात और रूस के आयात में संतुलन बनाए रखने के लिए नई नीतियों और व्यापार समझौतों पर काम चल रहा है।
राजदूत ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों देशों की सरकारें व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। इसके अलावा, बैंकिंग और वित्तीय सहयोग को मजबूत करके भी व्यापार को बढ़ावा देने की योजना है।
विशेष रूप से, भारत और रूस के बीच यह साझा लक्ष्य दोनों देशों के उद्योगपतियों और व्यापार समुदाय के लिए भी नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। 2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापारिक लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में दोनों देश सकारात्मक और आत्मविश्वासी रवैये के साथ आगे बढ़ रहे हैं।