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“टकराव के बजाय सुलह का संदेश: J&K डिप्टी CM ने गणतंत्र दिवस पर समावेश, विकास और अपेक्षित राज्यत्व पर जताई उम्मीद”

Politics   •   👁 37 views   •   26 Jan 2026
“टकराव के बजाय सुलह का संदेश: J&K डिप्टी CM ने गणतंत्र दिवस पर समावेश, विकास और अपेक्षित राज्यत्व पर जताई उम्मीद”
जम्मू‑कश्मीर में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर डिप्टी मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने अपने भाषण में टकराव से बचते हुए सुलह और सहयोग की दिशा पर विशेष जोर दिया। श्रीनगर के बक्षी स्टेडियम में आयोजित इस समारोह में जनमानस से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि अब न केवल राष्ट्रीय एकता बल्कि स्थानीय विकास और संवाद पर भी केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
भाषण में चौधरी ने राष्ट्र के एकता‑एकात्मता के मूल सिद्धांतों और संविधान के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र का असली अर्थ सिर्फ झंडा फहराना या परेड करना नहीं है, बल्कि यह समावेश, सद्भाव और साझेदारी की भावना को मजबूत करना भी है। इसके तहत जम्मू‑कश्मीर में सभी समुदायों और क्षेत्रों का विकास सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
सुरिंदर चौधरी ने यह भी आशा जताई कि जम्मू‑कश्मीर का पूर्ण राज्यत्व जल्द बहाल होने की संभावना है, जो क्षेत्र के लोगों की आकांक्षाओं को आगे बढ़ाएगा और स्थानीय शासन को सुदृढ़ करेगा। उन्होंने कहा कि अमूमन कठिन मुद्दों पर भी शांतिपूर्ण चर्चा और सहमति के रास्ते ढूंढ़ने से ही स्थायी समाधान संभव है।
भाषण का एक अहम हिस्सा आर्थिक और सामाजिक विकास रहा। चौधरी ने कहा कि बेहतर सड़कें, सार्वजनिक परिवहन, रोज़गार, स्वास्थ्य और शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने Smart City परियोजनाओं, रोज़गार योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का ज़िक्र किया और लोगों से मिलकर कार्य योजनाओं को सफल बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जम्मू‑कश्मीर के विभिन्न जिलों में भी राष्ट्रीय ध्वज फहराए गए और परेड तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के ज़रिए संविधान के मूल्यों को सम्मानित किया गया। इस प्रकार डिप्टी सीएम का संदेश स्पष्ट था — विवाद और टकराव से आगे बढ़कर मिलकर विकास और सुलह की दिशा में काम करना समय की मांग है।