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खेलों में सफलता के लिए भारत को प्रदूषण की चुनौती से निपटना होगा

Sports  •  👁 14 views  •  26 Jan 2026
खेलों में सफलता के लिए भारत को प्रदूषण की चुनौती से निपटना होगा
नई दिल्ली: भारत के खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता और खेलों में सर्वोच्चता के लिए केवल प्रशिक्षण और प्रतिभा ही पर्याप्त नहीं हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वायु और पर्यावरण प्रदूषण भारत के खेल क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन गया है।
वायु प्रदूषण के उच्च स्तर सीधे तौर पर खिलाड़ियों की सांस लेने की क्षमता, सहनशक्ति और प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं। दिल्ली, मुंबई और अन्य बड़े शहरों में खेल प्रशिक्षण के दौरान बढ़ता प्रदूषण खिलाड़ियों की फिटनेस और स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है।
खेल विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भारत को खेल नीति में पर्यावरणीय कारकों को शामिल करना होगा। खिलाड़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में प्रशिक्षण, हेल्थ मॉनिटरिंग और विशेष तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल जरूरी है।
इसके अलावा, सरकार और खेल संघों को मिलकर बड़े पैमाने पर वायु गुणवत्ता सुधार और प्रदूषण नियंत्रण के उपाय अपनाने होंगे। बिना स्वच्छ वातावरण के, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के खिलाड़ियों की प्रदर्शन क्षमता सीमित रह सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह केवल स्वास्थ्य की चुनौती नहीं बल्कि खेलों में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की श्रेष्ठता के लिए भी जरूरी कदम है। यदि प्रदूषण पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भारत की खेल संभावनाओं और खिलाड़ियों के करियर पर लंबी अवधि में असर पड़ सकता है।
इसलिए खेल और पर्यावरण दोनों क्षेत्रों में रणनीतिक कदम उठाना अनिवार्य है। केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण भी भारत के खेल भविष्य की कुंजी है।