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‘आमिर खान रोने की तैयारी करके आए थे’: ‘रंग दे बसंती’ के 20 साल पूरे होने पर राकेश ओमप्रकाश मेहरा की बेबाक टिप्पणी

Entertainment  •  👁 12 views  •  26 Jan 2026
‘आमिर खान रोने की तैयारी करके आए थे’: ‘रंग दे बसंती’ के 20 साल पूरे होने पर राकेश ओमप्रकाश मेहरा की बेबाक टिप्पणी
भारतीय सिनेमा की सबसे प्रभावशाली फिल्मों में शुमार रंग दे बसंती को रिलीज़ हुए 20 साल पूरे हो चुके हैं। इस मौके पर फिल्म के निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने फिल्म से जुड़े कई यादगार पलों और उसके सामाजिक प्रभाव पर खुलकर बात की। उन्होंने खास तौर पर आमिर खान के उस भावनात्मक जुड़ाव का ज़िक्र किया, जिसने फिल्म को एक अलग गहराई दी।
मेहरा ने बताया कि आमिर खान शूटिंग के दौरान भावनात्मक रूप से पूरी तरह तैयार होकर आते थे। “आमिर रोने की तैयारी करके आते थे,” उन्होंने कहा, यह बताते हुए कि फिल्म केवल अभिनय नहीं, बल्कि भीतर से महसूस करने का अनुभव थी। यही वजह थी कि फिल्म के कई दृश्य आज भी दर्शकों को उतनी ही तीव्रता से छूते हैं।
जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या रंग दे बसंती जैसी फिल्म आज के समय में बनाई जा सकती है, तो मेहरा ने इसे “बेवकूफी भरा सवाल” करार दिया। उनके अनुसार हर फिल्म अपने समय, सामाजिक माहौल और दर्शकों की मानसिकता से जुड़ी होती है। किसी भी रचना को दूसरे दौर के चश्मे से आंकना उसके मूल भाव को नज़रअंदाज़ करने जैसा है।
राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने कहा कि रंग दे बसंती उस दौर की युवाओं की बेचैनी, गुस्से और बदलाव की चाह की आवाज़ थी। इस फिल्म ने सिर्फ मनोरंजन नहीं किया, बल्कि युवाओं को सोचने और सवाल उठाने के लिए प्रेरित किया। भ्रष्टाचार, नागरिक जिम्मेदारी और देशभक्ति जैसे मुद्दों को फिल्म ने नए नजरिए से पेश किया।
20 साल बाद भी रंग दे बसंती की प्रासंगिकता पर चर्चा यह साबित करती है कि सशक्त सिनेमा समय की सीमाओं से परे होता है। यह फिल्म आज भी भारतीय सिनेमा में साहसिक कहानी कहने की मिसाल बनी हुई है।