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सियाचिन ग्लेशियर से लेकर नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड तक: भारत में ऐसी जगहें जहां टूरिज्म पर रोक है

International   •   👁 45 views   •   24 Jan 2026
सियाचिन ग्लेशियर से लेकर नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड तक: भारत में ऐसी जगहें जहां टूरिज्म पर रोक है
1. नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह)
नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड ग्लोब में उन कुछ जगहों में से एक है जहां कोई भी आम पर्यटक नहीं जा सकता। यह द्वीप घर है “सेंटिनेली” नामक जनजाति का, जो बाहरी संपर्क से पूरी तरह अलग‑थलग रहती है। भारत सरकार ने 1956 के कानून के तहत इस द्वीप और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्र को पूरी तरह प्रतिबंधित किया हुआ है ताकि जनजाति की सुरक्षा, उनकी जीवनशैली की रक्षा और बाहरी बीमारियों से बचाव हो सके। बिना अनुमति यहां जाना गैरकानूनी और खतरनाक माना जाता है — कुछ मामलों में ऐसे लोगों को गंभीर खतरा हो सकता है।
2. सियाचिन ग्लेशियर (लद्दाख)
दुनिया का सबसे ऊँचा और सबसे दुर्गम युद्धक्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर भारत‑पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के पास स्थित है, इसलिए यह स्थान हमेशा सैन्य दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील रहा है। पारंपरिक रूप से यहां पर्यटकों का आना प्रतिबंधित रहा है क्योंकि यह सीमाओं के कड़ी निगरानी वाले क्षेत्र में है। हालांकि हाल के वर्षों में सीमित स्तर पर कुछ सियाचिन बेस कैंप और आसपास के इलाकों के लिए कुछ नियंत्रणित पर्यटन (जैसे टूर पैकेज या विशेष अनुमति) की बातें चल रही हैं, लेकिन अपेक्षाकृत ऊंचाई वाली, सैन्य रूप से संवेदनशील और कठिन भौगोलिक स्थिति के कारण ज्यादातर सियाचिन के हिस्सों तक आम लोगों की पहुंच बंद या प्रतिबंधित रहती है।
3. अन्य सुरक्षा‑संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्र
भारत में कुछ अन्य इलाके भी ऐसे हैं जहां आम पर्यटन आर्मी या सरकार की अनुमति के बिना नहीं हो सकता। उदाहरण के लिए पैंगोंग त्सो झील का ऊपरी हिस्सा, जो LAC के पास स्थित है, वहाँ प्रवेश सीमित है। इसी तरह से कुछ अन्य सीमांत या सैन्य‑संबंधित क्षेत्र सुरक्षा कारणों से आम ट्रैवलर के लिए प्रतिबंधित रखे जाते हैं।
इन प्रतिबंधों का मूल कारण सुरक्षा, जनजातीय संरक्षण, अस्थिर भौगोलिक स्थिति और संवेदनशील रणनीतिक स्थिति है। इसलिए, इन इलाकों को पर्यटन के लिए आम तौर पर खोला नहीं जाता — और यदि कभी अनुमति मिलती भी है, तो वह बहुत सख्त नियमों और कड़े प्रोटोकॉल के साथ होती है।