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गठबंधन में दरार?: KDMC के बाद, मीरा भयंदर में शिवसेना-कांग्रेस फ्रंट ने BJP को चुनौती दी

Politics  •  👁 19 views  •  24 Jan 2026
गठबंधन में दरार?: KDMC के बाद, मीरा भयंदर में शिवसेना-कांग्रेस फ्रंट ने BJP को चुनौती दी
यह महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति में गरमाते हालात का ताज़ा राजनीतिक समाचार है जहाँ मीरा‑भायंदर नगर निगम (MBMC) में शिवसेना (शिंदे गुट) और कांग्रेस के दलों के बीच एक अप्रत्याशित गठजोड़ ने बीजेपी को चुनौती दी है और गठबंधन को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।
26 जनवरी 2026 को घोषित मीरा‑भायंदर महानगरपालिका चुनाव के परिणाम में भाजपा ने 95 में से 78 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, लेकिन चुनाव परिणाम के बाद भाजपा के खिलाफ विपक्षी ढांचे में अचानक बदलाव आया। चुनाव जीतने के बावजूद, कांग्रेस और शिवसेना (शिंदे गुट) ने मिलकर एक ही ग्रुप नेता का पंजीकरण कराया, जिससे राजनीतिक परिदृश्य में हलचल पैदा हो गई है और बीजेपी की रणनीति को झटका मिला है।
यह मोड़ खासतौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बीजेपी महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों में बड़े विजय के बाद स्थानीय शक्ति को मजबूत करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन दूसरे सियासी दलों ने विपक्षी मोर्चे को मजबूती देने के लिए अप्रत्याशित साझेदारी की दिशा चुनी है। इससे संकेत मिलता है कि स्थानीय स्तर पर गठबंधन समीकरण बदल रहे हैं और पारंपरिक गठबंधनों में दरार की संभावना भी सामने आ रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के स्थानीय गठजोड़, भले ही वोटों की संख्या में बड़ा अंतर हो, भाजपा को विपक्षी मोर्चों के खिलाफ मजबूती से मुकाबला करने में चुनौती दे सकते हैं। खासकर तब जब शिवसेना (शिंदे गुट) द्वारा कांग्रेस के साथ मिलकर एक साझा नेता के पंजीकरण जैसी चाल चली जाए, जो आगे चलकर सत्ता संरचना पर असर डाल सकती है।
इस घटना को कल्याण‑डोंबिवली (KDMC) चुनाव बाद महाराष्ट्र में गठबंधन समीकरणों में उभरती दरार की एक संकेतके रूप में देखा जा रहा है, जहाँ स्थानीय दल अलग‑अलग रणनीति अपनाकर सत्ता समीकरण पर असर डाल रहे हैं।
हालाँकि अभी तक कोई बड़ा गठबंधन टूटने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन मीरा‑भायंदर के इस नए मोड़ से स्पष्ट होता है कि स्थानीय निकाय राजनीति में रणनीतिक साझेदारियाँ अब पहले से अधिक जटिल और गतिशील हो चली हैं। इससे आगामी चुनावों में संभावित राजनीतिक फेरबदल और सियासी मोर्चेबंदी की दिशा पर सबकी निगाहें टिकी हैं।