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EU नेताओं के गणतंत्र दिवस दौरे का मकसद बातचीत खत्म करना, बाद में हस्ताक्षर करना: EU अधिकारी

International  •  👁 14 views  •  24 Jan 2026
EU नेताओं के गणतंत्र दिवस दौरे का मकसद बातचीत खत्म करना, बाद में हस्ताक्षर करना: EU अधिकारी
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच 26 जनवरी 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर EU के शीर्ष नेताओं का दौरा कूटनीतिक स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। EU के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इस यात्रा का मुख्य मकसद भारत‑EU के बीच लंबित वार्ताओं को अंतिम रूप देना और बाद में समझौते पर औपचारिक तौर पर हस्ताक्षर करना है, न कि केवल सांस्कृतिक या प्रतीकात्मक दौरा करना।
भारत‑EU के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर बातचीत पिछले कई वर्षों से चल रही है और इसका समापन इस दौरे के दौरान ही किया जाना है। अधिकारी के मुताबिक, चार चैप्टर अभी भी खुली स्थिति में हैं, और गणतंत्र दिवस परेड तथा शिखर सम्मेलन के मंच का उपयोग इन वार्ताओं को खत्म करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए किया जाएगा। formal signing, अर्थात औपचारिक रूप से समझौते पर हस्ताक्षर, बाद में दोनों पक्षों की आंतरिक प्रक्रियाओं के पूरा होने के पश्चात किया जाएगा।
इस दौरे में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा जैसे उच्चस्तरीय प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो की भारत के मुख्य अतिथि के रूप में गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेंगे।
शिखर सम्मेलन के दौरान व्यापार, निवेश, सेवा नियम, सरकारी खरीद, और विनियामक मानकों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत को अंतिम रूप देने पर खास ध्यान दिया जाएगा। इसके बाद समझौते के आंतरिक अनुमोदन (internal approval) प्रक्रिया को पूरा करने के उपरांत दोनों पक्ष औपचारिक रूप से FTA पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि इस यात्रा और शिखर बैठक से भारत‑EU रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा और गति मिलेगी, और यह द्विपक्षीय संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत है।