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अमेरिका के लिए बहुत बड़ा नुकसान, खुद की बनाई समस्या: लैंसेट के एडिटर-इन-चीफ ने WHO छोड़ने के अमेरिका के कदम पर कहा

International  •  👁 4 views  •  24 Jan 2026
अमेरिका के लिए बहुत बड़ा नुकसान, खुद की बनाई समस्या: लैंसेट के एडिटर-इन-चीफ ने WHO छोड़ने के अमेरिका के कदम पर कहा
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से अमेरिका के अलग होने के फैसले को दुनिया भर में सार्वजनिक स्वास्थ्य और वैश्विक नेतृत्व के दृष्टिकोण से एक बड़ा झटका बताया जा रहा है, और इसी पर **प्रसिद्ध चिकित्सा पत्रिका The Lancet के एडिटर‑इन‑चीफ रिचर्ड हॉर्टन (Richard Horton) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अमेरिका के इस कदम को “खुद द्वारा बनाई गई समस्या” (self‑inflicted problem) बताया, जो सिर्फ़ वित्तीय नुकसान नहीं, बल्कि नेतृत्व, संलग्नता, ज्ञान और तकनीकी विशेषज्ञता के नुकसान का कारण बनेगा।
हॉर्टन ने यह टिप्पणी The Indian Express के साथ इंटरव्यू में की, जहाँ उन्होंने कहा कि WHO से अलग होना अमेरिका के लिए महान नुकसान होगा। उनका तर्क था कि अमेरिका ने दशकों से वैश्विक स्वास्थ्य प्रयासों में न सिर्फ़ धन दिया है, बल्कि प्रमुख वैज्ञानिक शोध, महामारी प्रतिक्रिया क्षमता और तकनीकी विशेषज्ञता भी साझा की है। अब इस साझेदारी से बाहर निकलने का परिणाम केवल वित्तीय योगदान खोना नहीं, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य नेतृत्व में अमेरिका की भूमिकाओं का क्षरण होगा।
हॉर्टन ने यह भी कहा कि कई रिपब्लिकन सैनेटर WHO की महत्वपूर्ण भूमिका को जानते हैं, लेकिन उनमें से अधिकतर ने अमेरिका के वैश्विक स्वास्थ्य नेतृत्व की रक्षा के लिए खड़े नहीं हुए, जिसकी वह निराशा जताते हैं। उनके अनुसार, इस फैसले से अमेरिका की वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा क्षमता में कमी आ सकती है और यह महामारी जैसी स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के प्रयासों को कमजोर कर सकता है।
WHO से अमेरिका के बाहर निकलने का आधिकारिक कदम जनवरी 2026 में प्रभावी हुआ, जब नोटिस अवधि समाप्त हो गई और अमेरिका ने संगठन में अपनी सदस्यता समाप्त कर दी। ट्रंप प्रशासन ने WHO पर COVID‑19 महामारी के दौरान गलत प्रबंधन और सुधारों को अपनाने में विफल रहने के आरोप लगाए हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका का यह कदम वैश्विक स्वास्थ्य तंत्र में एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि WHO के अंदर अमेरिका का प्रभाव और निवेश लंबे समय से सदस्यों को जोड़ने, महामारी निगरानी और टीकाकरण जैसे कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण रहा है। अब इस सहयोग के खत्म होने से वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा और संयुक्त प्रयासों पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
इस प्रकार, लैंसेट के एडिटर‑इन‑चीफ का कहना है कि WHO से अलग होना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य नेतृत्व में अमेरिका की भूमिका को कमजोर करने वाला एक बड़ा कदम है, जो भविष्य में महामारी प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रयासों को प्रभावित कर सकता है।