The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

वैश्विक बाजार में उबे की बढ़ती मांग: फिलीपींस के किसान आपूर्ति पूरी करने के लिए जूझ रहे हैं

International  •  👁 23 views  •  29 Dec 2025
वैश्विक बाजार में उबे की बढ़ती मांग: फिलीपींस के किसान आपूर्ति पूरी करने के लिए जूझ रहे हैं
दुनियाभर में उबे (Ube) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। बैंगनी रंग का यह शकरकंद, जो फिलीपींस की पारंपरिक फसल और मिठाइयों का अहम हिस्सा है, अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सुपरफूड और प्रीमियम डेज़र्ट सामग्री के रूप में पहचान बना चुका है। उबे से बने केक, आइसक्रीम, लैटे और पेस्ट की मांग अमेरिका, यूरोप और एशिया के कई देशों में लगातार बढ़ रही है। लेकिन इस बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए फिलीपींस के किसान संघर्ष कर रहे हैं।
फिलीपींस में उबे की खेती मुख्य रूप से छोटे किसान करते हैं। यह फसल उगाने में समय लेने वाली है और आमतौर पर इसे तैयार होने में 6 से 8 महीने लग जाते हैं। इसके अलावा, जलवायु परिवर्तन, अनियमित बारिश, कीट रोग और सीमित आधुनिक कृषि तकनीक किसानों की उत्पादन क्षमता को प्रभावित कर रही हैं। कई किसान आज भी पारंपरिक तरीकों पर निर्भर हैं, जिससे पैदावार सीमित रहती है।
एक बड़ी समस्या यह भी है कि उबे की खेती के लिए पर्याप्त सरकारी सहायता, बीज अनुसंधान और भंडारण सुविधाओं की कमी है। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग के बावजूद किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। बिचौलियों और निर्यात श्रृंखला में असंतुलन के कारण मुनाफा किसानों तक पूरी तरह नहीं पहुंचता।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार उबे की खेती को बढ़ावा देने के लिए बेहतर बीज, प्रशिक्षण, सिंचाई और मार्केटिंग सहायता प्रदान करे, तो फिलीपींस इस मांग को अवसर में बदल सकता है। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि देश की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
उबे फिलीपींस की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। वैश्विक मंच पर इसकी बढ़ती मांग एक बड़ा मौका है, लेकिन सही नीतियों और समर्थन के बिना किसान इस अवसर का पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।