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EU नेताओं की भारत यात्रा का मुख्य उद्देश्य संवाद पूरा करना, समझौते पर हस्ताक्षर बाद में होंगे: ईयू अधिकारी

International  •  👁 5 views  •  24 Jan 2026
EU नेताओं की भारत यात्रा का मुख्य उद्देश्य संवाद पूरा करना, समझौते पर हस्ताक्षर बाद में होंगे: ईयू अधिकारी
यूरोपीय संघ (EU) के शीर्ष नेताओं यूर्सुला वॉन डेर लेयेन (यूरोपीय आयोग अध्यक्ष) और एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा (यूरोपीय परिषद अध्यक्ष) की भारत यात्रा का मकसद 26 जनवरी 2026 के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेना ही नहीं है, बल्कि भारत‑EU के बीच लंबित बातचीत को अंतिम रूप देना भी है। इस दक्षिण एशियाई दौरे की व्यापक रणनीतिक महत्ता है, जिसमें वार्ता को पूरा करना प्राथमिक लक्ष्य बताया जा रहा है और औपचारिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर बाद में तय तारीख पर होंगे।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत पिछले कई वर्षों से चल रही है और यह शिखर सम्मेलन इसी वार्ता को अंतिम चरण तक पहुंचाने का अवसर देता है। भारत‑EU दोनों पक्ष अब तक 24 में से 20 अध्यायों पर सहमति बना चुके हैं, लेकिन कुछ संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत जारी है। इन वार्ताओं को इस दौरे के दौरान मजबूत करेंगे और भविष्य में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का समय तय करेंगे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस यात्रा का केंद्रीय एजेंडा व्यापार, निवेश, खाद्य सुरक्षा, बरताव नियम, कार्बन टैक्स जैसे मुद्दों पर सहमति बनाना है, ताकि बाद में औपचारिक समझौते पर दस्तखत हो सकें। हालांकि फाइनल सिग्नेचर समारोह की तारीख यात्रा के दौरान नहीं तय होगी, पर बातचीत को पूरा करने पर बल दिया जा रहा है।
भारत‑EU शिखर सम्मेलन के दौरान रक्षा, सुरक्षा, निवेश और जलवायु परिवर्तन जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर भी चर्चा होगी। यह दौरा दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा देने के एक प्रमुख मंच के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस यात्रा से भारत और यूरोपीय संघ के बीच न केवल आर्थिक सहयोग को ऊर्जा मिलेगी, बल्कि वैश्विक मुद्दों पर साझा रणनीति तैयार करने में भी मदद मिलेगी, जिससे दोनों साझेदार देशों के बीच पारस्परिक विश्वास और साझेदारी मजबूत होगी।