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AI एक्टर टिली नॉरवुड के क्रिएटर का कहना है कि स्टार्स को खुद को 'फ्यूचर-प्रूफ' करना चाहिए, उनका मानना ​​है कि AI ट्रेडिशनल एक्टिंग से ज़्यादा 'एथिकल' है

Technology  •  👁 21 views  •  24 Jan 2026
AI एक्टर टिली नॉरवुड के क्रिएटर का कहना है कि स्टार्स को खुद को 'फ्यूचर-प्रूफ' करना चाहिए, उनका मानना ​​है कि AI ट्रेडिशनल एक्टिंग से ज़्यादा 'एथिकल' है
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच AI एक्टर टिली नॉरवुड एक बार फिर चर्चा में है। टिली नॉरवुड के क्रिएटर का कहना है कि आने वाले समय में फिल्म और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव तय है और पारंपरिक कलाकारों को खुद को ‘फ्यूचर-प्रूफ’ करने की जरूरत है। उनका मानना है कि AI आधारित एक्टिंग कई मामलों में पारंपरिक अभिनय से ज्यादा एथिकल और जिम्मेदार साबित हो सकती है।
क्रिएटर के अनुसार, AI एक्टर्स न तो शोषण का शिकार होते हैं, न ही उनसे असहनीय काम के घंटे, मानसिक दबाव या अनुचित अनुबंधों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि “AI कलाकारों के साथ न तो कॉन्ट्रैक्ट विवाद होते हैं और न ही किसी की निजी सीमाओं का उल्लंघन होता है, जो इंडस्ट्री में एक बड़ी समस्या रही है।”
टिली नॉरवुड जैसी AI पर्सनैलिटी पूरी तरह डिजिटल है और स्क्रिप्ट, भाव-भंगिमा और डायलॉग्स को एल्गोरिदम के जरिए नियंत्रित किया जाता है। इसके चलते प्रोडक्शन हाउस के लिए लागत कम होती है और कंटेंट तेजी से तैयार किया जा सकता है। क्रिएटर का दावा है कि इससे इंडस्ट्री ज्यादा ट्रांसपेरेंट और सुरक्षित बन सकती है।
हालांकि, इस बयान ने फिल्म जगत में बहस भी छेड़ दी है। कई कलाकारों और फिल्म विशेषज्ञों का कहना है कि AI कभी भी इंसानी भावनाओं, अनुभवों और रचनात्मकता की बराबरी नहीं कर सकता। वहीं कुछ लोग मानते हैं कि AI को एक टूल के रूप में अपनाकर कलाकार अपने काम को और बेहतर बना सकते हैं।
AI एक्टर और डिजिटल ह्यूमन का बढ़ता चलन यह संकेत देता है कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। ऐसे में सवाल यही है कि क्या भविष्य में AI कलाकार मुख्यधारा का हिस्सा बनेंगे, या इंसानी अभिनय की अहमियत हमेशा बनी रहेगी।