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दिलजीत दोसांझ का कहना है कि उनके पास थिएटर में ओरिजिनल बॉर्डर देखने के लिए पैसे नहीं थे, उन्हें 19 साल बाद सीक्वल में काम करने की उम्मीद नहीं थी। देखें

Entertainment   •   👁 30 views   •   24 Jan 2026
दिलजीत दोसांझ का कहना है कि उनके पास थिएटर में ओरिजिनल बॉर्डर देखने के लिए पैसे नहीं थे, उन्हें 19 साल बाद सीक्वल में काम करने की उम्मीद नहीं थी। देखें
पंजाबी सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने संघर्ष के दिनों और फिल्म बॉर्डर से जुड़े एक भावुक किस्से को साझा किया। दिलजीत ने बताया कि जब 1997 में जे.पी. दत्ता की फिल्म बॉर्डर रिलीज हुई थी, उस समय उनके पास थिएटर में जाकर यह फिल्म देखने तक के पैसे नहीं थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह फिल्म बाद में टीवी पर देखी और तब भी यह उनके दिल में गहराई से बस गई।
दिलजीत ने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि जिस फिल्म को देखने के लिए मेरे पास टिकट के पैसे नहीं थे, उसी फिल्म के सीक्वल में 19 साल बाद काम करने का मौका मिलेगा।” उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा और भावनात्मक मोड़ बताया। उनके मुताबिक, यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि सपनों के पूरे होने की कहानी है।
अभिनेता ने यह भी बताया कि बॉर्डर जैसी देशभक्ति से भरपूर फिल्म ने उन्हें कलाकार बनने के लिए प्रेरित किया। उस दौर में वह छोटे शहर से थे और फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने का सपना बहुत दूर लगता था। लेकिन मेहनत, संगीत और अभिनय के जरिए उन्होंने अपनी पहचान बनाई।
बॉर्डर के सीक्वल को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है और दिलजीत दोसांझ का इससे जुड़ना इस उत्सुकता को और बढ़ा रहा है। दिलजीत का मानना है कि यह फिल्म नई पीढ़ी को देशभक्ति, बलिदान और एकता का संदेश देगी।
सोशल मीडिया पर दिलजीत के इस बयान को लेकर फैंस भावुक हो गए हैं। लोग उनकी सादगी और संघर्ष की तारीफ कर रहे हैं। दिलजीत की यह कहानी साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो हालात चाहे जैसे भी हों, सपने जरूर पूरे होते हैं।