The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 डोपिंग से दूर रहें खिलाड़ी: अखिल कुमार, अर्जुन अवार्डी एवं डी.एस.पी. हरियाणा पुलिस     🔴 देवेश चंद्र श्रीवास्तव विशेष आयुक्त पुलिस /क्राइम के मार्गदर्शन एवं सुश्री वेदिता रेड्डी आईएएस निदेशक (शिक्षा) के नेतृत्व में एक लाख बच्चे नशा ना करने के शपथ अभियान में हुए शामिल     🔴 बढ़ती पर्यावरणीय चुनौतियों में जागरूकता आवश्यक: प्रो. (डॉ.) जे.एस. यादव डीन     🔴 एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों का दमखम, कामेत हाउस रहा अव्वल     🔴 9 दिन बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं? 44°C में तपते नागरिक, जिम्मेदार कौन?     🔴 बस स्थानक के बाहर निजी बसों की भीड़: सड़क किनारे यात्रियों की भराई से यातायात व्यवस्था पर सवाल     🔴 हरियाणा खेल विश्वविद्यालय का मनाएगा तीसरा स्थापना दिवस     🔴 नगरपालिका अध्यक्ष एवं शिक्षा निदेशक के कुशल नेतृत्व में छात्र ~छात्राओं ने रचा इतिहास     🔴 जहाँ सपनों को मिलती है सही दिशा इनायतिया स्कूल बना रहा बच्चों का मजबूत भविष्य     🔴 खिरपुरी जैसी घटना अकोला में न हो: सामाजिक कार्यकर्ता सलीम सिद्दीकी ने जल आपूर्ति व्यवस्था पर उठाए सवाल    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

‘अपमानजनक और भयानक’: कीर स्टारमर ने NATO सैनिकों पर टिप्पणी के लिए डोनाल्ड ट्रंप से माफ़ी की मांग की

International   •   👁 24 views   •   24 Jan 2026
‘अपमानजनक और भयानक’: कीर स्टारमर ने NATO सैनिकों पर टिप्पणी के लिए डोनाल्ड ट्रंप से माफ़ी की मांग की
ब्रिटेन की राजनीति में हलचल मचाते हुए लेबर पार्टी के नेता कीर स्टारमर ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से NATO सैनिकों को लेकर की गई टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगने को कहा है। स्टारमर ने ट्रंप के बयान को “अपमानजनक और भयानक” करार देते हुए कहा कि इससे उन सैनिकों का मनोबल गिरता है जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं।
हाल ही में एक बयान के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने NATO सहयोगियों और सैनिकों को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की थी, जिसे यूरोप और ब्रिटेन में तीखी प्रतिक्रिया मिली। कीर स्टारमर ने कहा कि NATO केवल एक सैन्य गठबंधन नहीं, बल्कि लोकतंत्र, शांति और साझा सुरक्षा का प्रतीक है। ऐसे में उसके सैनिकों के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल अस्वीकार्य है।
स्टारमर ने यह भी स्पष्ट किया कि ब्रिटेन अपने NATO सहयोगियों के साथ मजबूती से खड़ा है और किसी भी तरह की बयानबाज़ी जो गठबंधन की एकता को कमजोर करे, उसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रंप को अपने शब्दों के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए और यह स्वीकार करना चाहिए कि NATO सैनिकों का योगदान वैश्विक स्थिरता के लिए बेहद अहम है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और यूरोप के रिश्ते पहले से ही संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की टिप्पणियां ट्रांस-अटलांटिक संबंधों पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं और रूस जैसे देशों को रणनीतिक लाभ पहुंचा सकती हैं।
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि वैश्विक नेतृत्व में भाषा और जिम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण है। NATO सैनिकों को लेकर की गई टिप्पणी पर उठी यह बहस आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय राजनीति में और तेज हो सकती है।