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‘फिजिकल AI अगली सीमा है और हम इस चुनौती को स्वीकार कर रहे हैं’: ARTPARK के CEO रघु धर्मराजू

Technology  •  👁 13 views  •  24 Jan 2026
‘फिजिकल AI अगली सीमा है और हम इस चुनौती को स्वीकार कर रहे हैं’: ARTPARK के CEO रघु धर्मराजू
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास के बीच फिजिकल AI को अगली बड़ी क्रांति बताया जा रहा है। ARTPARK के CEO रघु धर्मराजू ने कहा है कि फिजिकल AI भविष्य की सबसे बड़ी तकनीकी चुनौती है और उनकी संस्था इसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ स्वीकार कर रही है। उनके अनुसार, अब AI सिर्फ सॉफ्टवेयर और डेटा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वह भौतिक दुनिया के साथ सीधे तौर पर संवाद करेगा।
फिजिकल AI का मतलब ऐसे बुद्धिमान सिस्टम से है, जो रोबोट, ड्रोन, स्वायत्त मशीनों और स्मार्ट डिवाइसेज़ के जरिए वास्तविक वातावरण में काम कर सकें। रघु धर्मराजू का कहना है कि यह तकनीक स्वास्थ्य, मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, शहरी बुनियादी ढांचे और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में बड़ा बदलाव ला सकती है। उदाहरण के तौर पर, AI-संचालित रोबोट अस्पतालों में सहायता कर सकते हैं, जबकि स्मार्ट मशीनें फैक्ट्रियों में उत्पादन को अधिक सुरक्षित और कुशल बना सकती हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत जैसे देश के लिए फिजिकल AI बेहद अहम है, क्योंकि यहां वास्तविक दुनिया की समस्याएं—जैसे ट्रैफिक, प्रदूषण, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और कृषि उत्पादकता—तकनीकी समाधान की मांग करती हैं। ARTPARK इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए रिसर्च, स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री के साथ मिलकर काम कर रहा है।
रघु धर्मराजू के अनुसार, फिजिकल AI के विकास में सबसे बड़ी चुनौती विश्वसनीयता, सुरक्षा और स्केलेबिलिटी है। मशीनों को न केवल समझदार बनाना जरूरी है, बल्कि उन्हें सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से काम करने योग्य भी बनाना होगा। इसके लिए मजबूत नीति, नैतिक ढांचा और कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता है।
अंत में उन्होंने कहा कि भारत के पास टैलेंट, डेटा और नवाचार की क्षमता है, जो फिजिकल AI में वैश्विक नेतृत्व दिला सकती है। सही दिशा में निवेश और सहयोग के साथ, यह तकनीक आने वाले वर्षों में भारत की डिजिटल और औद्योगिक प्रगति की रीढ़ बन सकती है।