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अमेरिका के संकेत: बांग्लादेश की उभरती इस्लामी पार्टी को समर्थन, भारत–अमेरिका संबंधों में मतभेद की आशंका

International  •  👁 24 views  •  24 Jan 2026
अमेरिका के संकेत: बांग्लादेश की उभरती इस्लामी पार्टी को समर्थन, भारत–अमेरिका संबंधों में मतभेद की आशंका
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने बांग्लादेश में दोबारा उभर रही एक इस्लामी राजनीतिक पार्टी को लेकर नरम रुख अपनाने और संभावित समर्थन के संकेत दिए हैं। इस घटनाक्रम ने दक्षिण एशिया की कूटनीति में नई बहस छेड़ दी है और भारत तथा अमेरिका के बीच मतभेद बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला न केवल क्षेत्रीय राजनीति को प्रभावित कर सकता है, बल्कि सुरक्षा और रणनीतिक संतुलन के लिहाज से भी अहम साबित हो सकता है।
बताया जा रहा है कि बांग्लादेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत कुछ इस्लामी दलों की राजनीतिक गतिविधियां हाल के वर्षों में तेज हुई हैं। अमेरिका की ओर से लोकतंत्र, समावेशी राजनीति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के समर्थन के नाम पर इन दलों के प्रति लचीला रुख अपनाया जा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों का तर्क है कि किसी भी लोकतंत्र में सभी राजनीतिक ताकतों को शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में भागीदारी का अवसर मिलना चाहिए।
वहीं, भारत इस पूरे घटनाक्रम को सुरक्षा के नजरिए से देख रहा है। नई दिल्ली को आशंका है कि यदि कट्टरपंथी या वैचारिक रूप से उग्र तत्वों को अंतरराष्ट्रीय वैधता मिलती है, तो इसका असर सीमा-पार सुरक्षा, कट्टरवाद और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ सकता है। भारत लंबे समय से बांग्लादेश के साथ आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और स्थिर सरकार के पक्ष में रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका और भारत के बीच यह मतभेद खुलकर सामने आने की स्थिति में द्विपक्षीय संवाद पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, दोनों देशों के रणनीतिक संबंध मजबूत हैं और ऐसे मुद्दों पर कूटनीतिक बातचीत के जरिए समाधान निकालने की परंपरा रही है।
फिलहाल, बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति, आगामी चुनावी समीकरण और वैश्विक शक्तियों की भूमिका पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। आने वाले समय में यह साफ होगा कि अमेरिका के ये संकेत वास्तविक नीति में बदलते हैं या केवल कूटनीतिक संदेश तक सीमित रहते हैं।