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पालतू जानवरों की आंतों की सेहत और व्यवहार का गहरा संबंध: आक्रामकता पर कैसे पड़ता है असर

Animals  •  👁 18 views  •  22 Jan 2026
पालतू जानवरों की आंतों की सेहत और व्यवहार का गहरा संबंध: आक्रामकता पर कैसे पड़ता है असर
पालतू जानवरों की सेहत केवल उनके शरीर तक सीमित नहीं होती, बल्कि उनकी आंतों (Gut Health) का सीधा असर उनके व्यवहार, मूड और आक्रामकता पर भी पड़ता है। हाल के अध्ययनों और पशु-चिकित्सकों की राय के अनुसार, आंतों में मौजूद सूक्ष्म जीव यानी गट माइक्रोबायोम पालतू जानवरों के दिमाग से लगातार संवाद करता है, जिसे गट-ब्रेन एक्सिस कहा जाता है।
जब पालतू जानवर की आंतें स्वस्थ होती हैं, तो उनमें अच्छे बैक्टीरिया की संख्या संतुलित रहती है। ये बैक्टीरिया सेरोटोनिन और डोपामिन जैसे “फील-गुड” हार्मोन के उत्पादन में मदद करते हैं। यही कारण है कि स्वस्थ आंतों वाले कुत्ते और बिल्लियां आमतौर पर शांत, खुश और सामाजिक व्यवहार दिखाते हैं।
इसके विपरीत, यदि पालतू जानवर की डाइट खराब हो, बार-बार पेट की समस्या हो या एंटीबायोटिक का अत्यधिक उपयोग हुआ हो, तो आंतों का संतुलन बिगड़ सकता है। इस स्थिति में जानवरों में चिड़चिड़ापन, डर, बेचैनी और आक्रामकता बढ़ सकती है। कई बार मालिक इसे “नेचर की समस्या” समझ लेते हैं, जबकि असली वजह आंतों की खराब सेहत होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आंतों में सूजन या पोषक तत्वों की कमी होने पर दिमाग तक गलत संकेत पहुंचते हैं, जिससे जानवर अचानक गुस्सा करने, काटने या असामान्य व्यवहार करने लगते हैं।
पालतू जानवरों की आंतों की सेहत सुधारने के लिए संतुलित आहार, प्रोबायोटिक्स, पर्याप्त पानी और नियमित व्यायाम बेहद जरूरी है। साथ ही, किसी भी व्यवहार में अचानक बदलाव दिखे तो वेटरनरी डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
निष्कर्ष:
पालतू जानवर की आंतों की सेहत उसके व्यवहार की कुंजी है। स्वस्थ पेट न केवल अच्छी पाचन शक्ति देता है, बल्कि शांत और संतुलित स्वभाव बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। सही देखभाल से आप अपने पालतू को ज्यादा खुश और कम आक्रामक बना सकते हैं।