The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

आईआईटी कानपुर के 2000 बैच का ऐतिहासिक योगदान, संस्थान को देंगे 100 करोड़ रुपये

Sports  •  👁 14 views  •  29 Dec 2025
आईआईटी कानपुर के 2000 बैच का ऐतिहासिक योगदान, संस्थान को देंगे 100 करोड़ रुपये
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। संस्थान के वर्ष 2000 बैच के पूर्व छात्रों ने अपने अल्मा मेटर को लगभग 100 करोड़ रुपये का योगदान देने का फैसला किया है। यह दान शिक्षा, अनुसंधान और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए उपयोग किया जाएगा।
आईआईटी कानपुर प्रशासन के अनुसार, यह योगदान अब तक किसी एक बैच द्वारा दिया गया सबसे बड़ा सामूहिक सहयोग माना जा रहा है। पूर्व छात्रों का कहना है कि संस्थान ने उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और अब वे इस सहयोग के जरिए आने वाली पीढ़ियों को बेहतर अवसर देना चाहते हैं।
इस फंड का उपयोग अत्याधुनिक रिसर्च सुविधाओं के विस्तार, छात्रवृत्तियों, फैकल्टी डेवलपमेंट और नवाचार आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा देने में किया जाएगा। साथ ही, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
आईआईटी कानपुर के निदेशक ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह योगदान न केवल आर्थिक सहयोग है, बल्कि संस्थान और उसके पूर्व छात्रों के बीच मजबूत रिश्ते का प्रतीक भी है। उन्होंने बताया कि इससे छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा और शोध के अवसर मिलेंगे।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आईआईटी कानपुर के 2000 बैच की यह पहल देश के अन्य शैक्षणिक संस्थानों और पूर्व छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। इससे यह संदेश जाता है कि सफल करियर के बाद अपने शिक्षण संस्थान को लौटकर समर्थन देना सामाजिक जिम्मेदारी का अहम हिस्सा है।
यह योगदान भारत में उच्च शिक्षा और तकनीकी नवाचार को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।