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डोनाल्ड ट्रंप को यह बात समझ नहीं आती: शांति ही सबसे बड़ा इनाम है।

International  •  👁 11 views  •  20 Jan 2026
डोनाल्ड ट्रंप को यह बात समझ नहीं आती: शांति ही सबसे बड़ा इनाम है।
अमेरिकी राजनीति में डोनाल्ड ट्रंप का नाम हमेशा आक्रामक बयानों, कठोर नीतियों और टकराव की राजनीति से जुड़ा रहा है। चाहे वह व्यापार युद्ध हो, टैरिफ नीति हो या अंतरराष्ट्रीय कूटनीति—ट्रंप की कार्यशैली अक्सर दबाव और शक्ति प्रदर्शन पर आधारित रही है। लेकिन आलोचकों का मानना है कि ट्रंप जिस बात को लगातार नजरअंदाज करते हैं, वह है शांति का महत्व, क्योंकि वास्तव में शांति ही किसी भी देश और दुनिया के लिए सबसे बड़ा इनाम होती है।
डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों ने कई बार वैश्विक तनाव को बढ़ाया है। चीन के साथ व्यापार युद्ध, ईरान के साथ तनाव, नाटो सहयोगियों पर दबाव और कठोर आप्रवासन नीतियां—इन सभी फैसलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अस्थिरता को जन्म दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी नीतियां अल्पकालिक राजनीतिक लाभ तो दे सकती हैं, लेकिन दीर्घकाल में वैश्विक अर्थव्यवस्था, कूटनीतिक संबंधों और आम जनता पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं।
शांति केवल युद्ध की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि यह स्थिरता, विकास और सहयोग का आधार है। जब देश आपसी संवाद और कूटनीति के माध्यम से समस्याओं का समाधान करते हैं, तब व्यापार बढ़ता है, निवेश को बढ़ावा मिलता है और आम नागरिकों का जीवन बेहतर होता है। इसके विपरीत, टकराव और धमकी की राजनीति अनिश्चितता को बढ़ाती है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार, रोजगार और वैश्विक सुरक्षा पर पड़ता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक वैश्विक नेता के रूप में ट्रंप को यह समझना चाहिए कि शक्ति का सबसे बड़ा प्रदर्शन युद्ध या प्रतिबंध नहीं, बल्कि शांति स्थापित करने की क्षमता है। इतिहास गवाह है कि जिन नेताओं ने शांति और सहयोग को प्राथमिकता दी, उन्हें दुनिया ने लंबे समय तक सम्मान दिया।
आज की वैश्विक परिस्थितियों में, जब दुनिया पहले से ही आर्थिक संकट, जलवायु परिवर्तन और क्षेत्रीय संघर्षों से जूझ रही है, ऐसे में शांति की अहमियत और भी बढ़ जाती है। यही कारण है कि यह कहा जा रहा है—डोनाल्ड ट्रंप को यह बात समझ नहीं आती कि शांति ही सबसे बड़ा इनाम है, क्योंकि सच्ची जीत टकराव में नहीं, बल्कि स्थायी शांति में निहित है।