The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

दादुमाजरा में नया CBG प्लांट शुरू करने की तैयारी, रोज़ 200 TPD कचरा और 30 TPD गोबर से बनेगी गैस

Environment  •  👁 10 views  •  20 Jan 2026
दादुमाजरा में नया CBG प्लांट शुरू करने की तैयारी, रोज़ 200 TPD कचरा और 30 TPD गोबर से बनेगी गैस
चंडीगढ़ के दादुमाजरा इलाके में प्रस्तावित नए CBG (कंप्रेस्ड बायोगैस) प्लांट को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। इस प्लांट को संचालित करने के लिए प्रतिदिन करीब 200 टन ठोस कचरा (TPD) और 30 टन गाय का गोबर इस्तेमाल किया जाएगा। यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ कचरा प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस CBG प्लांट का मुख्य उद्देश्य शहर से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से निपटान करना है। प्लांट में उपयोग होने वाला 200 TPD कचरा मुख्य रूप से गीला और जैविक कचरा होगा, जबकि 30 TPD गोबर को गैस उत्पादन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मिश्रण के रूप में प्रयोग किया जाएगा।
CBG प्लांट से उत्पादित बायोगैस का उपयोग ईंधन के रूप में किया जाएगा, जिसे वाहनों, औद्योगिक इकाइयों और अन्य जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे न केवल पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम होगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। इसके साथ ही प्लांट से निकलने वाला स्लरी जैविक खाद के रूप में किसानों के लिए उपयोगी होगी।
नगर निगम और संबंधित विभागों का कहना है कि यह परियोजना केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत मिशन और वेस्ट-टू-एनर्जी नीति के अनुरूप है। प्लांट के शुरू होने से दादुमाजरा और आसपास के इलाकों में कचरे की समस्या में कमी आने की उम्मीद है।
हालांकि स्थानीय निवासियों द्वारा प्लांट के पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर कुछ चिंताएं भी जताई गई हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी पर्यावरणीय मानकों का पालन किया जाएगा और आधुनिक तकनीक के जरिए बदबू व प्रदूषण को नियंत्रित किया जाएगा। यह CBG प्लांट आने वाले समय में चंडीगढ़ को स्वच्छ और ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।