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'मैं अपने पिता के सामने रोज़ रोता था': भारत के तेज़ गेंदबाज़ हर्षित राणा ने नाकामियों से निपटने के बारे में बताया

Sports  •  👁 5 views  •  18 Jan 2026
'मैं अपने पिता के सामने रोज़ रोता था': भारत के तेज़ गेंदबाज़ हर्षित राणा ने नाकामियों से निपटने के बारे में बताया
भारतीय टीम के तेज़ गेंदबाज़ हर्षित राणा ने हाल ही में नाकामियों और संघर्षों से निपटने पर बेहद व्यक्तिगत अनुभव साझा किया है, जो उनकी दृढ़ता और मानसिक मजबूती को उजागर करता है। उन्होंने बताया कि अपने शुरुआती दिनों में जब वह करियर की सफलता की राह पर थे, तब उन्होंने लगभग दस साल तक लगातार रिजेक्शन और असफलताओं का सामना किया, जिससे उन्हें कई बार हार मानने का मन भी हुआ।
राणा ने खुलकर कहा, “मैं ट्रायल्स में जाता था और मेरा नाम कभी नहीं आता था। मैं घर वापस आकर हर दिन अपने पापा के सामने रोता था।” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन कठिन समयों में उन्होंने अक्सर अपने करियर को छोड़ देने के बारे में सोचा, लेकिन उनके पिता का लगातार प्रेरित करना और भरोसा उन्हें आगे बढ़ने के लिए मजबूर करता रहा। उनके पिता ने हमेशा उन्हें उठाने, प्रेरित करने और उम्मीद बनाए रखने की बात कही, जिसके कारण आज वह इंडियन क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज़ के रूप में खेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब उन्हें नाकामियों का सामना कैसे करना है, यह समझ आ गया है और किसी भी चुनौती से अब वे पहले जैसे प्रभावित नहीं होते। यह अनुभव उनके मानसिक प्रशिक्षण को भी मजबूत बनाता है, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। राणा का मानना है कि आज जो भी चुनौतियाँ आएँगी, उन्हें संभालने की क्षमता उनके वर्षों के संघर्ष ने दी है।
वर्तमान में राणा भारत बनाम न्यूजीलैंड सीरीज़ में खेल रहे हैं, जहाँ वे अपने जीवन के अनुभवों को मैदान पर भी उतारने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि महान खिलाड़ियों जैसे विराट कोहली और रोहित शर्मा के खिलाफ नेट प्रैक्टिस उन्हें और बेहतर बनाने में मदद करती है और उन्हें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खुद को साबित करने का मौका मिलता है।
हर्षित राणा की यह कहानी यह दर्शाती है कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं बल्कि धैर्य, संघर्ष और सच्ची मेहनत से भी आती है, और व्यक्तिगत समर्थन, खासकर परिवार का, इस यात्रा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।