The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 हिलसा में महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी बहनों की भव्य चैतन्य शोभायात्रा, नगर हुआ भक्तिमय     🔴 खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर खेत में दफनाया शव, ऊपर बो दी गेहूं की फसल; दो महीने बाद खुला राज     🔴 पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहुँचे स्वामी विवेकानंद अवार्ड सेरेमनी में     🔴 बाँका में DM और SP ने किया EVM/VVPAT वेयर हाउस का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा     🔴 लखीसराय पुलिस ने जारी किया पोस्टर, 14 वर्षीय किशोरी नेहा कुमारी लापता     🔴 मद्य निषेध के तहत बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर अवैध शराब बरामद     🔴 दरभंगा में 6 साल की मासूम से दरिंदगी, इलाके में आक्रोश—आरोपी को कड़ी सजा की मांग     🔴 एकरससराय स्थित प्रसिद्ध आंगारी धाम की धर्मशाला जर्जर, हादसे का खतरा बढ़ा     🔴 अहमदाबाद के सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल में लगातार घटनाएँ, अभिभावकों में गहरी चिंता     🔴 खुदागंज थाना पहुंचा भटकता मिला 8 वर्षीय बालक, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस कर रही पहचान की कोशिश    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

पैंगोंग त्सो के पास दिखी दुर्लभ लाल लोमड़ी, पर्यटक हैरान; आईएफएस अधिकारी ने संरक्षण पर जताई चिंता

Politics  •  👁 21 views  •  27 Dec 2025
 पैंगोंग त्सो के पास दिखी दुर्लभ लाल लोमड़ी, पर्यटक हैरान; आईएफएस अधिकारी ने संरक्षण पर जताई चिंता
लद्दाख की प्रसिद्ध पैंगोंग त्सो झील के पास हाल ही में दुर्लभ लाल लोमड़ी (रेड फॉक्स) के दिखने से पर्यटक दंग रह गए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में यह लोमड़ी झील के आसपास बेखौफ घूमती नजर आ रही है। आमतौर पर यह प्रजाति इंसानी गतिविधियों से दूर रहना पसंद करती है, ऐसे में पर्यटक स्थल के पास इसका दिखाई देना वन्यजीव प्रेमियों और विशेषज्ञों के लिए हैरानी का विषय बन गया है।
लाल लोमड़ी एक अत्यंत चतुर और अनुकूलनशील वन्यजीव मानी जाती है, जो ठंडे और शुष्क क्षेत्रों में पाई जाती है। लद्दाख जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्र में इसका अस्तित्व पर्यावरणीय संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हालांकि, पैंगोंग त्सो जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल के पास इसका बार-बार दिखना इस बात का संकेत हो सकता है कि इसका प्राकृतिक आवास मानवीय हस्तक्षेप से प्रभावित हो रहा है।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए एक वरिष्ठ आईएफएस (भारतीय वन सेवा) अधिकारी ने संरक्षण को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों द्वारा जानवरों को खाना खिलाना, उनके बहुत पास जाना या तस्वीरें लेने की होड़ वन्यजीवों के लिए खतरनाक हो सकती है। इससे जानवर इंसानों पर निर्भर हो जाते हैं, जो लंबे समय में उनके व्यवहार और अस्तित्व दोनों के लिए नुकसानदेह है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पैंगोंग त्सो क्षेत्र में बढ़ता पर्यटन, कचरा और शोर प्रदूषण वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार को बदल रहा है। लाल लोमड़ी का खुलेआम दिखाई देना इसी दबाव का नतीजा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि सख्त पर्यटन नियम लागू किए जाएं और पर्यटकों को वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए जागरूक किया जाए।
कुल मिलाकर, पैंगोंग त्सो के पास लाल लोमड़ी का दिखना भले ही रोमांचक हो, लेकिन यह एक चेतावनी भी है। यदि समय रहते संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया, तो लद्दाख की अनोखी जैव विविधता खतरे में पड़ सकती है।