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‘कोलंबिया यूनिवर्सिटी के साथ सहयोग से AI, रोबोटिक्स में भारत की क्षमता और मज़बूत होगी:’ प्रधान

Technology   •   👁 18 views   •   13 Jan 2026
‘कोलंबिया यूनिवर्सिटी के साथ सहयोग से AI, रोबोटिक्स में भारत की क्षमता और मज़बूत होगी:’ प्रधान
नई दिल्ली — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से आज कोलंबिया विश्वविद्यालय (Columbia University) के शीर्ष शिक्षाविदों ने मुलाकात की, जिसमें भारत‑अमेरिका शैक्षणिक सहयोग को और विस्तार देने पर चर्चा हुई। इस अवसर पर प्रधान ने कहा कि कोलंबिया जैसे विश्व‑प्रसिद्ध विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, विनिर्माण, मेड‑टेक और इंजीनियरिंग के क्षेत्रों में भारत की क्षमता को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।
बैठक में कोलंबिया इंजीनियरिंग के डीन, प्रोफेसर शिह‑फू चांग और विश्वविद्यालय के अकादमिक नेतृत्व ने शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद किया। दोनों पक्षों ने AI तथा बड़े भाषा मॉडल (LLM) के क्षेत्र में साझेदारी की संभावनाओं और शोध‑शिक्षा के समन्वय को लेकर विचार‑विमर्श किया।
प्रधान ने कहा कि शिक्षण‑अनुसंधान सहयोग, विशेष रूप से AI, रोबोटिक्स और उन्नत तकनीकों में, भारत के तकनीकी ढांचे को और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बनाने में मदद करेगा। उन्होंने कोलंबिया‑इंडिया सेंटर की स्थापना पर भी उत्साह जताया, जो अनुसंधान, प्रायोगिक शिक्षा और उद्योग‑अकादमी एकीकरण के लिए एक मंच का काम करेगा।
विश्लेषकों के अनुसार, यह साझेदारी न केवल भारतीय छात्रों और शोधकर्ताओं को विश्व‑स्तरीय संसाधनों और अनुभव से जोड़ने में सहायक होगी, बल्कि भारतीय उद्योगों के लिए भी उन्नत तकनीकी समाधानों के निर्माण में एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक बन सकती है। AI और रोबोटिक्स आज नई औद्योगिक क्रांति के केंद्र में हैं, और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए भारत को इन क्षेत्रों में निरंतर उन्नति करनी आवश्यक है।
इसके अलावा, तकनीकी साझेदारी से नए रोजगार, स्टार्ट‑अप अवसर, और नवाचार आधारित आर्थिक वृद्धि को बल मिलने की उम्मीद है। सरकार की नीति‑निर्माता टीमें अब ऐसे सहयोगों को शिक्षा‑निति के प्रमुख हिस्से के रूप में देख रही हैं, जिससे भारत को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर अग्रणी भूमिका प्राप्त हो सके।
यह कदम भारत‑अमेरिका शैक्षणिक और तकनीकी सहयोग को और अधिक गहरा करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत भी माना जा रहा है, जिससे आने वाले वर्ष में AI और रोबोटिक्स में नई उपलब्धियाँ हासिल हो सकती हैं।