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बुधवार, 17 जून 2020

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आरोपियों की निशानदेही पर थाना शाहगंज पुलिस ने पांच वे  पीड़ित सोनू को यमुना पार के समय हॉस्पिटल से मरणासन्न अवस्था मे  किया बरामद। 

चोरी के आरोप में घर में बंधक बनाकर यातनाएं देने के मामले में पुलिस ने कसा आरोपियों पर शिकंजा ।

Avdhesh Yadav✍️
आगरा,17 June 2020
चोरी के आरोप में एक ही परिवार के कमाल खा क्षेत्र के 5 लोगों को घर में बंधक बनाकर अमानवीय यातनाएं देने वाले और पुलिस की सांठगांठ के बीच मीडिया के हस्तक्षेप के बाद लगातार पुलिस पर बढ़ रहे दबाव के कारण आज पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी अबरार मोहसिन जुबेर नदीम श्यामा की निशानदेही पर मारपीट के बाद घायल सोनू को पुलिस ने आज यमुनापार के समय हॉस्पिटल से मरणासन्न स्थिति में बरामद कर लिया।
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और घायल पीड़ित सोनू को पुलिस ने आज 3 दिन बाद आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया वही आरोपियों के खिलाफ धारा 147 324 342 354 448 323 504 506 सहित अनेक गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर कार्यवाही शुरू कर दी है।

आपको बता दें कि आगरा के थाना शाहगंज की सरायख्वाजा चौकी के अंतर्गत कमाल खां जगनेर रोड पर गरीब रिक्शा चालक निजाम पुत्र नूर मोहम्मद और उसके परिवार के 5 सदस्यों जिनमे   पुत्र पत्नी और पुत्र वधू को क्षेत्र के दबंग पानी के प्लांट संचालक अबरार ने चोरी का आरोप लगाते हुए अपने घर की तीसरी मंजिल पर 3 दिन तक बंधक बनाकर के जहां उसे अमानवीय यातनाएं दी और लोगों के साथ में मारपीट की बिजली के करंट लगाए वही जलती  हुई सिगरेट से  उनके शरीर को  दागा गया उनके शरीर पर जलने के निशान घटना की भयानक ता को स्वयं बयान कर रहे थे। आरोपी अबरार की मां का देहांत होने के कारण मौका पाकर पीड़ित परिवार का सबसे छोटा बेटा समीर ने 14 मई को भागकर घटना की जानकारी 112 नंबर पर पुलिस को दी और सुरक्षा की मांग की जिस पर सूचना पाकर 112 की पीआरबी 4072 मौके पर पहुंची और सभी पांचों आरोपियों को आरोपी अबरार की घर की तीसरी मंजिल से बरामद करके थाने लेकर आई थी।
दबंग आरोपी द्वारा क्षेत्र के कुछ छोटू भैया नेताओं के सहयोग से पुलिस से सांठगांठ कर मामले को रफा दफा करने की योजना बना ली लेकिन जैसे ही घटना की जानकारी मीडिया कर्मियों को हुई तो उन्होंने पूरी घटना पर गंभीरता पूर्वक खबर को प्रकाशित कर दिया जिससे आरोपी और पुलिस के बीच की सांठगांठ पर पानी फिरता चला गया और अधिकारियों ने पूरी घटना पर गंभीरता पूर्वक संज्ञान लेकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के आदेश दे दिये।
लगातार मीडिया के दबाब और अधिकारियों की निरंतर समीक्षा के बाद में पुलिस ने मजबूरी में आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए पहले तो आरोपी को थाने से ही 151 में जमानत देकर रफा-दफा करने की कोशिश की लेकिन जब अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए तो पुलिस ने आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया।
 लेकिन इस बीच भी पुलिस ने आरोपियों को लाभ पहुंचाने के लिए पीड़ित पक्ष की तहरीर नहीं ली और अपने हिसाब से पुलिस ने पीड़ित की तहरीर लिखी जिसमें पीड़ित के द्वारा तहरीर में लिखवाया गया की मारपीट से तंग आकर उसका बड़ा बेटा सोनू छत की तीसरी मंजिल से कूद कर भाग गया है जिसे इलाज के लिए हॉस्पिटल भेजा गया है जबकि पीड़ित परिवार का आरोप था कि उन्हें अपने तीसरे बेटे के बारे में कोई जानकारी नहीं है आरोपियों ने मारपीट के बाद गंभीर हालत होने पर उनके बेटे को कहां पर कर दिया है।
लेकिन आज गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर थाना शाहगंज पुलिस ने पीड़ित के तीसरे बेटे सोनू को आगरा के यमुना पार क्षेत्र के समय हॉस्पिटल से बरामद कर लिया पुलिस को वहां कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
मारपीट के बाद में गंभीर हालत होने पर आरोपियों के द्वारा पीड़ित सोनू को खेरिया मोड़ से आगरा के दूसरे कॉर्नर पर यमुना पार के समय हॉस्पिटल में ले जाकर भर्ती कर दिया और नाम पता भी गलत दर्ज कर दिया।
जिसके लिए मशहूर यमुनापार के हॉस्पिटल ने भी बगैर घटना की सूचना पुलिस और घरवालों को दिए पीड़ित को हॉस्पिटल में एडमिट कर लिया और लगातार बगैर कोई ट्रीटमेंट दिए हॉस्पिटल में भर्ती रखा लेकिन जब पुलिस को आरोपियों द्वारा घायल व्यक्ति के बारे में जानकारी दी तो पुलिस पीड़ित परिवार को लेकर आगरा के समय हॉस्पिटल पहुंची जहां पर पीड़ित के पिता के द्वारा अपने पुत्र की पहचान की गई जिसके बाद पुलिस ने घायल सोनू को हॉस्पिटल से निकालकर आगरा की एसएन मेडिकल की इमरजेंसी में भर्ती करा दिया जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है और इलाज चल रहा है ।

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि ऐसी कोरोना महामारी संक्रमण काल में एक दबंग आरोपी द्वारा एक व्यक्ति को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने के बाद में एक व्यक्ति को हॉस्पिटल में फर्जी नाम पते से भर्ती करा दिया और हॉस्पिटल संचालक द्वारा घायल व्यक्ति की कोई जानकारी न तो पुलिस को दी गई और ना ही पीड़ित परिवार के घर से संपर्क करने की कोई कोशिश की गई ऐसा लगता है कि इस पूरी घटना में हॉस्पिटल संचालक भी शामिल है । लेकिन पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्यवाही करने के बजाए घायल सोनू को निकालकर एसएन मेडिकल की इमरजेंसी में भर्ती करा दिय।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई कर पाएगी या यह हॉस्पिटल संचालक सिर्फ पैसों के लिए आंख बंद कर किसी भी अपराध को छुपाने में लगे रहेंगे।