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बुधवार, 13 मई 2020

TCS

तीन सौ हुए पार, कोरोना से सात गवा चुके अपनी जान

कही लापरवाही तो कही भय....

TCS News Network
Kanpur 13 May 2020
नगर में अब तक कोविड 19 लगा चुका है तेहरा शतक, वर्तमान संक्रमितों को संख्या पहुँची 301 पर। कानपुर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। वहीं कोरोना से मौतों का आंकड़ा भी बढ़ता ही जा रहा है। रविवार को कानपुर में कोरोना से सातवीं मौत हो गई। बाबूपुरवा की रहने वाली 60 वर्षीय महिला रोगी की हैलट के न्यूरो साइंसेस कोविड अस्पताल में रविवार सुबह छह बजे मौत हुई।बताया जा रहा है कि रोगी का कोई नजदीकी भी कोरोना संक्रमित है। इसके अलावा एक नया कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला है। इस तरह कानपुर में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 301 हो गई है। लगातार प्रभावी लॉक डाउन, सोशल डिस्टनसिंग का कढ़ाई से कराया एवं किया जा रहा पालन। निरंतर हो रही जांचे, संक्रमितों का उपचार एवं कॉरेन्टीन किये जाने के पश्चात भी नगर में बढ़ते आंकड़े चिंता का विषय बने हुए है।
क्या हो रही है चूक
जहाँ नगर प्रशासन दिनों रात प्रयासों के साथ समस्त कोरोना योद्धाओं के संग कोरोना के विरुद्ध व्यापक लड़ाई लड़ता नज़र आता है, वही कही न कही छोटी छोटी चूक भी प्रशासन के लिए इस लड़ाई में सिर दर्द बनी हुई है।जो कि दोनों ओर से है, प्रशासन एवं स्वयं जनता, जिस का एक उदहारण जनता के भय के रूप मे सामने आ रहा है, सूत्रों अनुसार प्रशासन
द्वारा जहाँ अथक प्रयास किये जा रहे है वही कही न कही प्रशासन जनता को जागरूक करने एवं उसका विश्वास जीतने में सफल होता नही दिख रहा है, जिस के कारण आम जन मानस निःसंकोच जांच कराने, संभावित संक्रमित लक्ष्णों की अनदेखी कर अपना उपचार चोरी छुपे धरती के दानवो जी हाँ जहाँ एक ओर हमारे धरती के भगवान कोरोना योद्धा डॉक्टर्स अपने प्राणों की परवाह किये बिना राष्ट्रहित में मानवता का परिचय देते हुए अपने कर्तव्य का पूर्ण निर्वाहन कर कोविड 19 के विरुद्ध सबसे प्रमुख योगदान दे रहे है वही यह धरतीं के दानव झोला छाप डॉक्टर सारे किये कराए परिश्रम पर पानी फेर कोरोना संक्रमण को बढ़ावा दे रहे है। जो बिना किसी जांच, मरीज़ की सम्पूर्ण जानकारी के ब्यौरे के खाँसी बुख़ार श्वास संबंधी  शिकायतों एवं संक्रमण के लक्षणों का उपचार बिना किसी भय के मोटी कमाई का ज़रिया बना दे रहे है वही दूसरी ओर मान्यता प्राप्त डॉक्टर्स और दवा विक्रेताओं को इन सभी लक्षणों के मरीज़ों का सम्पूर्ण विवरण रखने को निर्देशित किया गया है जिस का पालन भी इन के द्वारा किया जा रहा है।कहना गलत नही होगा कि कोविड 19 संक्रमण के प्रसार प्रचार में इन झोलाछाप डॉक्टरों के योगदान की अनदेखी प्रशासन स्वास्थ विभाग एवं स्वयं हम सब के द्वारा की जा रही है।
कहाँ खतरा अधिक
वैसे तो अभी तक कानपुर में संक्रमितों की संख्या अवश्य बढ़ी है परंतु कोई नया हॉट स्पॉट नही बना है दायरा अवश्य दो क्षेत्रो का बढ़ा है, बाबूपुरवा का पक्का अखाड़ा एवं फ़ेथफुलगंज, जो कि अभी तक संतोषजनक बात है परंतु अगर जल्द ही इन झोलाछाप डॉक्टर्स पर अंकुश नही लगाया गया विशेष तौर पर हॉट स्पॉट क्षेत्रों एवं उसके समीप के मोहल्लों में तो संक्रमितों की संख्या एवं कितने और नवीन हॉट स्पॉट की संख्या हमको गिनने को मिल सकती है।
इन क्षेत्रों में फैला है जाल
वैसे तो नगर का कोई मोहल्ला उसकी गली और कोना ऐसा बचा नही है जो इन झोला छापो के जाल से बच पाया हो। बाबूपुरवा, बेगमपुरवा से पूरा दक्षिण कानपुर हो या नगर के सबसे व्यस्त क्षेत्र घण्टाघर से मिनटों की दूरी पर कोपरगंज वही कोपरगंज जिस से कदमो की दूरी पर है कानपुर के सबसे अधिक धनात्मक संक्रमित हॉट स्पॉट क्षेत्र कुलीबाज़ार जहाँ संक्रमितों एवं संभावितों की संख्या सर्वाधिक बताई जाती है। इस क्षेत्र से सटे कोपरगंज, तलावमंडी, राखीमंडी,सीपीसी कॉलोनी, लक्ष्मीपुरवा, लाटूश रोड बाल्मिकी खटिकयाना जैसे क्षेत्रों में झोलाछापों ने फैला रखा है अपना जाल। धनकुट्टी, अफीमकोठी, अनवरगंज रेलवे स्टेशन के निकट साकेरा स्टेट, जूही लाल कॉलोनी, परमपुरवा, मीरपुर, शुजातगंज, कंघी मोहाल, चमनगंज, जाजमऊ, ग्वालटोली आदि यहाँ तक कानपुर के पॉश एरिया भी इन की ज़द से अछूते नही रहे है। कोई ऐसा क्षेत्र नही बचा है जहाँ झोलाछाप डॉक्टरों ने लंबे समय से अपना माया जाल फैला नही रखा है साथ ही कितनो को यमलोक की सैर करवा चुके है जिन की कुल संख्या तो इनको स्वयं भी याद न होगी।
कार्यवाही से बचता प्रशासन
ऐसा नही है कि प्रशासन एवं स्वास्थ विभाग इन सब से अनभिज्ञ है, परंतु क्या कारण है बार बार सूचना एवं खबर चलाने पर भी नही होती कोई ठोस कार्यवाही इन पर। कही न कही यह प्रशासन एवं स्वास्थ विभाग की मंशा पर इस वैश्विक महामारी कोविड 19 के आपदा काल में प्रश्न चिन्ह लगा उत्तर मांगता है क्या वास्तव में शासन के आदेशों का सम्पूर्ण पालन कर ज़िला प्रशासन एवं उसके अंतर्गत आने कार्यरत स्वास्थ विभाग कोविड 19 के विरुद्ध युद्ध के प्रति प्रतिबद्ध है।