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सोमवार, 13 अप्रैल 2020

Sultanpur

धारा 188 की आड़ में पुलिस कर रही अवैध उगाही

आलाधिकारियों के मौन व्रत से  आरोपियों के हौसले बुलंद

घर में मुर्गा पकाने के आरोप में दिव्यांग को किया गिरफ्तार

TCS News Network
सुल्तानपुर,12 April 2020
दौलत की आरजू ने किया बदचलन,उन्हें इतनी बढी गरज की उसूलों से हट गए" जी हाँ कोविड 19 कोरोना महामारी में लॉक डाउन के चलते लोग अनगिनत कठिनाईयों का सामना करते हुए अपनी व अपने परिवार की जीविकोपार्जन कर रहे हैं ऐसे में त्यौहार की तैयारियों को सफलता से पूर्ण करने की स्थिति से कोई अनजान नही है। एक तरफ पुलिस नागरिको के लिए दिन रात मेहनत कर राहत सामग्री बांटने तथा कानून व्यवस्था का पालन कर मित्र पुलिस की भूमिका निभा रही है। तो वहीं धम्मौर पुलिस धनवान बनने के लिये कोरोना अधिनियम का भय दिखाकर अवैध उगाही कर रही है।
मामला थाना क्षेत्र के दादूपुर का है जहां आम नागरिक जिला प्रशासन के आदेश का पालन करते हुए अपने घरों में खुशी से शब -ए-बरात का त्योहार मना रहे थे,एक ग्रमीण अपने घर मे मुर्गा पका रहा था। उसे क्या पता था कि मुर्गा खाना इतना महंगा पड़ जायेगा कि मुर्गा खाने के बदले स्वयं मुर्गा बनना पड़ेगा।
पुलिस मुखबिर की सूचना पाते ही थाने से चल कर गांव में धमक पड़ती है।पुलिस गावँ के मस्जिद तक आयी किन्तु भनक न मिलने से मौके से वापस होने जा रही थी।तब तक दोबारा फोन बजता है और पुलिस उस घर मे आखिर पहुँच ही जाती है जहाँ मुर्गा पक रहा था। फिर क्या था जहाँ पर मुर्गा कटा था उसे देख कर घर के मालिक पर पुलसिया अंदाज में रौब जमाना चालू कर दिया।
जब कुछ सेटिंग की बात न बनी तो एक विकलांग युवक को उठाकर अपने कर्त्तव्य का निर्वहन कर धम्मौर थाने ले गयी। मुर्गा काटने के अपराध में   विकलांग युवक को साहब क्या सजा देते हैं।किसी की समझ से परे था।
परिजनों ने धम्मौर पुलिस पर आरोप लगाया कि विकलांग को छोड़ने के लिए सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है।अब सवाल यह उठता है कि अगर त्यौहार में मुर्गा काटा तो उस व्यक्ति पर पुलिस क्या विधिक कार्यवाही करेगी।
पुलिस के इस कृत्य से   धम्मौर पुलिस की कार्यशैली को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है । और धम्मौर पुलिस का यह कारनामा पुलिस मित्र के लिए शर्मसार करने के लिये काफी है। ऐसी चर्चाएं जोरो पर है।
वर्जन :
जब इस बाबत में दूरभाष पर क्षेत्राधिकारी सदर सतीष चन्द्र शुक्ला से टेलीफोनिक वार्ता की गयी तो कई बार रिंग करने में उन्होंने फोन तो उठाया किन्तु बात सुनने के बाद जबाब देना उचित नहीं समझा और फोन काट दिया।