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सोमवार, 23 दिसंबर 2019

To cool the fire of the widespread movement, Modi chanted 'unity in diversity, characteristic of India',

व्यापक आंदोलन की आग को ठंडा करने के लिए मोदी ने लगाया 'विविधता में एकता, भारत की विशेषता' का नारा,

23Dec-2019
TCS Desk,Delhi
नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) और नेश्नल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़ंस (NRC) के ख़िलाफ़ देश व्यापी आंदोलन शुरू होने के बाद, भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों को यह आश्वस्त करने की कोशिश की है कि यह क़ानून मुसलमानों के ख़िलाफ़ नहीं है, बल्कि विपक्षी पार्टियां ऐसा भ्रम फैला रही हैं।
धर्म के आधार पर नागरिकता क़ानून के पारित होने के बाद, 12 दिसम्बर को असम और मेघालय में इसके ख़िलाफ़ प्रदर्शन शुरू हुए, जो अब पूरे देश में फैल चुके हैं और यह विरोध एक व्यापक आंदोलन का रूप ले चुका है।
रविवार को मोदी ने नई दिल्ली में बीजेपी की एक रैली को संबोधित करते हुए दावा किया कि उनकी सरकार कोई भी फ़ैसला किसी तरह के भेदभाव के आधार पर नहीं करती है और जो लोग यह कह रहे हैं कि नया नागरिकता क़ानून भेदभाव करता है तो मैं उन्हें चुनौती देता हूं, वह यह साबित करें।
बीजेपी की यह रैली फ़रवरी में दिल्ली में होने वाले विधान सभा चुनावों के प्रचार की शुरूआत के लिए आयोजित की गई थी, लेकिन देश की सड़कों पर विरोध की फैली हुई आग को देखते हुए मोदी जल्दी ही इस क़ानून के बचाव में उतर आए।
नागरिकता क़ानून और एनआरसी के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शनों के दौरान, अब तक 25 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हज़ारों की संख्या में लोग घायल हैं।

मोदी ने मुसलमानों को भरोसा दिलाने की कोशिश करते हुए दावा कियाः यह क़ानून 1.3 अरब भारतीयों में से किसी को प्रभावित नहीं करता है। मैं भारत के मुसलमानों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि इस क़ानून का उनकी स्थिति पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा।