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गुरुवार, 26 दिसंबर 2019

A terrible plan by America....

इराक में सकंट के बीच दाइश के बढ़ते क़दम... अमरीका की एक भयानक योजना।

26-Dec-2019
Sajjad Ali Nayani
इराक़ में पराजित होने के दो साल बाद अब इस प्रकार के संकेत मिल रहे हैं कि भयानक आतंकवादी संगठन, दाइश दोबारा पैर पसार रहा है।इराक़ और कुछ पश्चिमी खुफिया संस्थाओं ने बताया है कि दाइश ने इराक़ में सुनियोजित ढंग से आक्रमण करना आरंभ कर दिया है और इस आतंकवादी संगठन के हमले धीरे धीरे बढ़ रहे हैं।कुर्द कमांडर लाहौर तालेबानी का कहना है कि दाइश के आतंकवादी अब अपने से अधिक खतरनाक हो गये हैं क्योंकि उन्हें बहुत अच्छी तरह से ट्रेंड किया  गया हैऔर उनके पास धन भी बहुत है जिसकी 
वजह से वह बड़ी आसानी से हथियार और हमलों के लिए ज़रूरी सामान खरीद सकते हैं और वास्तव में दाइश के आतंकवादी, अलकाएदा के सदस्यों का आधुनिक रूप है।उन्होंने बताया कि दाइश के नये आतंकवादी किसी भी क्षेत्र पर क़ब्ज़ा नहीं करना चाहते बल्कि वह इराक़ के हिमरैन पहाड़ की गुफाओं में रह कर हमले करना चाहते हैं जैसा कि अलकाएदा के आतंकवादी करते थे।रिपोर्टों में बताया गया है कि दाइश के आतंकवादी, रेगिस्तान और पहाड़ों की गुफाओं में छिप जाते हैं जहां उन्हें ढूंढना बेहद मुश्किल होता है।

इराक़ में दाइश के आतंकवादियों के पुनः सक्रिय होने की रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आयी है कि जब इराक़ में यह खुल कर कहा जाने लगा है कि अमरीका, इराक़ में अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए एक बार दाइश को इस्तेमाल कर रहा है। अमरीका दाइश के हमलों में तेज़ी को वजह बना कर इस देश में अपने सैनिकों को अधिक दिनों तक तैनात रखना चाहता है।

इराक़ के प्रसिद्ध टीकाकार " मुअय्यद अलअली" ने इराक़ की अलमालूमा न्यूज़ वेबसाइट से एक वार्ता में कहा कि अमरीका नैनवा प्रान्त में अलहज़र द्वीप में दाइश के आतंकवादियों का समर्थन करके इराक़ की सरकार पर दबाव डाल रहा है ताकि वह इराक़ में अमरीकी सैनिकों की तैनाती का विरोध करना छोड़ दे।

उन्होंने बताया कि अमरीकी एजेन्ट, इस द्वीप के बड़े भाग पर क़ब्ज़ा किये हैं और इसी रास्ते से दाइश के आतंकवादियों की मदद की जाती है। 

अमरीका चाहता है कि इराक़ की सरकार यह स्वीकार कर ले कि उसे अमरीकी सैनिकों की ज़रूरत है जबकि इराक़ को अमरीकी सैनिकों की कभी ज़रूरत नहीं रही और इराक़ी सेना ने, स्वंय सेवी बल " अलहश्दुश्शाबी " और अपने घटक देशों के सहयोग से इराक़ से दाइश के आतंकवादियों को खदेड़ दिया था। (Q.A.)