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Wednesday, June 24, 2020

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स्वर्गीय दिलीपसिंह भूरिया की 5 वी पुण्यतिथि पर किया स्मरण,  श्री भूरिया आदिवासियों के मसीहा थे---गुमानसिंग डामोर ।


अली असगर बोहरा
झाबुआ,24 June 2020
पूरे देश भर में आदिवासी समाज को उनके अधिकारों के लिए सतत जुझारू पन के साथ काम करने  का जज्बा पालने वाले क्या हुआ रतलाम संसदीय सीट से 6 बार सांसद निर्वाचित होने वाले आदिवासियों के मसीहा कहे जाने वाले स्वर्गीय दिलीप सिंह भूरिया की पांचवी पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें बुधवार को मेघनगर नाका स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूरे संसदीय क्षेत्र की ओर से उन्हें भाव विह्वल श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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इस अवसर पर रतलाम झाबुआ के सांसद गुमान सिंह डामोर पूर्व विधायक एवं श्री भूरिया की पुत्री सुश्री निर्मला भूरिया पूर्व विधायक कल सिंह  भाबर,शांतिलाल बिलवाल,ज़िला भाजपा  अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नायक  शैलेश दुबे विजयनायर,दौलत भावसार, महामंत्री श्यामा ताहड़,प्रवीण सुराणा,प्रफुल्ल गादीया ,भानु भूरिया सहित  जिलेभर से आए सभी भाजपा पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं एवं मंडल के अध्यक्षों की उपस्थिति में श्री भूरिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया गया तथा उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई की गई। इस अवसर पर बोलते हुए सांसद  गुमानसिंह डामोर ने श्री भूरिया की राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए उन्हें जुझारू व्यक्तित्व का धनी बताते हुए उन्हें सहकारिता क्षेत्र का पितृ पुरुष बताया । श्री डामोर ने कहा कि दिलीपसिंह भूरिया ने पूरा जीवन गरीबो,शोषितो,को उनके अधिकार दिलाने में अर्पित कर दिया ।श्री डामोर ने स्व, भूरिया को स्मरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। पूर्व विधायक सुश्री निर्मला भूरिया ने अपने पिता स्व, दिलीपसिंग भूरिया को स्मरण करते हुए मछलिया से राष्ट्रीय राजनिति तक जिक्र करते हुए माही परियोजना को साकार करने  का श्रेय देते हुए अपने संस्मरण साझा किए । सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि श्री भूरिया आदिवासियों के विकास में शराब को बहुत बड़ा रोड़ा मानते थे ।जिन्होंने शराब बंदी का समर्थन किया था ।जिला भाजपा अध्यक्ष  लक्ष्मण सिंह नायक ने श्री भूरिया को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें देश के आदिवासियों का सर्वमान्य नेता बताते हुए सामाजिक,न्यायिक ओर धार्मिक व्यवस्था को स्थापित करने के लिए पैसा कानून भूरिया कमेटी के प्रमुख के रूप में बनाया था जो आज कानूनी तौर पर देश भर में लागू है । 2001 में ततकालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपई ने उन्हे राष्ट्रीय जन जाती आयोग का अध्यक्ष का दायित्व सौपा था।
श्री भूरिया को पांचवी पूण्य तिथि पर सोशल डिस्टेंसिइंग का पालन करते हुए श्री भूरिया को स्मरण किया गया ।