THE CURRENT SCENARIO

Advertisement

BREAKING

BSE-SENSEX:: 59,015.89 −125.27 (0.21%) :: :: NSE :: Nifty:: 17,585.15 −44.35 (0.25%)_ ::US$_:: 73.55 Indian Rupee_.

Tuesday, June 16, 2020

TCS

महामारी, आर्थिक तंगी के बीच स्कूलों की मनमानी फीस लिए जाने का विरोध

कांग्रेस नेता राकेश सिलावट ने दिया ज्ञापन

ताहिर कमाल सिद्दीकी
इंदौर,16 June 2020
वैश्विक महामारी और देश में चल रहे लॉकडाउन की वजह से कई लोग मानसिक और आर्थिक परेशानियों का भी सामना कर रहे हैं। संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (जी) में कहा गया है कि कोई भी शिक्षण संस्थान न कैपिटेशन फी ले सकता है, न अनावश्यक मुनाफाखोरी कर सकता है। परंतु शहर में निजी शिक्षण संस्थान मनमाने ढंग से फीस वसूल रहे हैं,जिससे पालक परेशान हो रहे हैं।
www.thecurrentscenario.com
इस महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राकेश सिलावट ने शिकायत भी की है और ज्ञापन भी सौंपा है।गौरतलब रहे वैश्विक महामारी और देश में चल रहे लॉकडाउन की वजह से कई लोग मानसिक और आर्थिक परेशानियों का भी सामना कर रहे हैं। तालाबंदी के कारण बड़ी संख्या में लोग बेरोज़गार भी हुए हैं। बहुतों के वेतन में भी भारी कटौती हुई है और छोटे से लेकर बड़े व्यवसायों तक को भारी नुकसान हुआ है, जिसका असर उनकी रोज़मर्रा की आर्थिक गतिविधियों पर पड़ रहा है।लोगों को ईएमआई से लेकर बच्चों की स्कूल फीस तक भरना भारी पड़ रहा है। देश के सभी स्कूल व शिक्षण संस्थान पिछले तीन महीने से बंद हैं और लगभग सभी स्कूल ऑनलाइन माध्यम से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इसी बीच,शहर में अभिभावक स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से मांगी जा रही फीस का विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस नेता राकेश सिलावट ने भी आवाज़ उठाई है और इल्ज़ाम लगाया है कि स्कूलों द्वारा फीस की जो मांग की जा रही है, उसमें पारदर्शिता नहीं है, स्कूल फीस की विस्तृत जानकारी नहीं दे रहे हैं। स्कूल कम्पोजिट फीस मांग रहे हैं।निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस लिए जाने की शिकायत को लेकर कांग्रेस नेता राकेश सिलावट ने पालकों के साथ इंदौर के सांसद शंकर लालवानी को ज्ञापन सौंपा। मनमानी फीस की समस्या को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राकेश सिलावट व अभिभावकों के प्रतिनिधिमंडल ने सेंट रेफियल स्कूल प्रशासन से मुलाक़ात की।उन्होंने पालकों की समस्याओं से अवगत कराया। राकेश सिलावट ने अभिभावकों से कहा कि कोई भी निजी स्कूल फीस के लिए अभिभावकों पर छात्रों पर दबाव नहीं बना सकता। इसके अलावा छात्र को स्कूल से नहीं निकाला जा सकता।उन्होंने कहा अगर फीस की मनमानी नहीं रुकी तो आंदोलन भी किया जाएगा