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Saturday, June 13, 2020

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सांवेर से होगा दिग्विजसिंह की पसंद का चेहरा 

ताहिर कमाल सिद्दीकी
इंदौर,14 June 2020
मध्यप्रदेश में उपचुनाव की कवायद शुरू हो गयी है। मध्य प्रदेश के दो विधायकों के निधन और कांग्रेस के 22 बागी विधायकों के इस्तीफे से रिक्त विधानसभा की कुल 24 सीटों पर अब उपचुनाव होंगे। प्रदेश के किसी भी विधानसभा के कार्यकाल में इतनी बड़ी तादाद में उपचुनाव नहीं हुए हैं।मप्र में जौरा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक बनवारीलाल शर्मा और आगर विधानसभा से सीट भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल के निधन की वजह से रिक्त है। इसके अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक 19 और तीन अन्य विधायकों समेत कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफे मंजूर होने के बाद रिक्त सीटों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। इन सभी सीटों पर उपचुनाव की तैयारी है।
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 जौरा, आगर (अजा), ग्वालियर, डबरा (अजा), बमोरी सुरखी, सांची (अजा), सांवेर (अजा), सुमावली, मुरैना, दिमनी, अंबाह (अजा), मेहगांव, गोहद (अजा), ग्वालियर (पूर्व), भांडेर (अजा), करैरा (अजा), पोहरी, अशोक नगर (अजा), मुंगावली, अनूपपुर (अजजा), हाटपिपल्या, बदनावर, सुवासरा में चुनावी हलचल तो शुरू हो गयी है। इंदौर जिले की सांवेर विधानसभा सीट पर सभी की निगाहें हैं। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित है। इस सीट पर कुल सवा दो लाख मतदाता हैं और यह क्षेत्र इंदौर लोकसभा के अंतर्गत आता है। सांवेर सीट पर कांग्रेस और बीजेपी पूर्व में बारी-बारी से जीतती आईं हैं।लेकिन इस बार का चुनाव बड़ा ही दिलचस्प होगा।फिलहाल कांग्रेस और भाजपा से प्रमुख रूप से जिन दो उम्मीदवारों के नाम आ रहे हैं वह दोनों ने दल बदलने की सियासत से जुड़े हैं।तुलसी सिलावट कांग्रेस से भाजपा में चले गए,वहीं प्रेमचंद गुड्डू ने भाजपा से घर वापसी की है। सांवेर विधानसभा भौगोलिक रूप से जितनी बिखरी हुई है। यहां के मतदाता राजनीतिक रूप से उतने ही एकजुट हैं। चुनाव में ज्यादातर परंपरागत वोटर रहते हैं।सांवेर में सोनकर और सिलावट परिवार के बीच ही टिकट बंटते रहे हैं और मतदाता भी दोनों को काम करने का मौका देते रहे। इस बार परंपरागत किरदार में कौन दमदार होगा, इसे मतदाता तौल रहा है। हालांकि तुलसी सिलावट और प्रेमचन्द गुड्डू दोनों पर उम्र भी हावी है और यह थके थकाए चेहरे हैं। सांवेर में भविष्य की सियासत के लिहाज से कोई युवा ऊर्जावान चेहरे से साँवेर विधानसभा में चौकाने वाला नाम सामने आ सकता है।ग्राउंड रिपोर्ट पर यकीन किया जाए तो जनता तुलसी और गुड्डू से बेहद नाराज है। जिसके चलते कोई ऐसा नाम सामने आ सकता है जो बेहद चौंकाने वाला हो।इस लिहाज से राकेश सिलावट ने साँवेर उपचुनाव को लेकर   मेलजोल शुरू कर दिया है। हालांकि माना जा रहा शीर्ष नेतृत्व से उन्हें हरी झंडी मिल चुकी है। ऐसा होता है तो मुक़ाबला सिलावट वर्सेज़ सिलावट ही रहेगा।राकेश सिलावट मध्यप्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं से सीधे संपर्क में भी है। एक तरफ जहाँ प्रेमचंद गुड्डू की वापसी से ईमानदार कांग्रेसी कार्यकर्ता नाराज है वही तुलसी सिलावट के पार्टी बदल लेने से जनता नाराज है। इन्ही सभी के दरमियान राकेश सिलावट का नाम साँवेर विधानसभा से शीर्ष नेतृत्व के लिए मंथन का विषय बना हुआ है। राजनीतिक हलकों की माने तो राकेश सिलावट का नाम  को दिग्विजयसिंह ने आगे बढ़ाया है। जैसे जैसे चुनाव की तरफ माहौल बनेगा वैसे वैसे समीकरण बदलेंगे । फिलहाल आलाकमान का इशारा मिलते ही राकेश सिलावट साँवेर विधानसभा में सक्रिय दिख रहे है । राकेश सिलावट टीम के साथ ग्राम खुड़ैल,कंपेल, पिवडाय, पीपल्दा जैसे साँवेर विधानसभा के अंतर्गत कई शहरी व ग्रामीण क्षेत्रो में सक्रिय हो गए हैं । लॉक डाउन में भी जब कई नेता गायब थे तब राकेश सिलावट राकेश सिलावट व उनके साथी कई क्षत्रों को सेनिटाइज करने व  मास्क व सेनिटाइजर बांटने में व्यस्त थे। बहरहाल वक़्त ही बताएगा कि क्या सांवेर से युवा चेहरे को अवसर दिया जाएगा।