THE CURRENT SCENARIO

Advertisement

BREAKING

BSE-SENSEX:: 59,015.89 −125.27 (0.21%) :: :: NSE :: Nifty:: 17,585.15 −44.35 (0.25%)_ ::US$_:: 73.55 Indian Rupee_.

Sunday, June 7, 2020

TCS

जनपद खीरी में भी अब प्रतिबंधों के साथ खुलेंगे धर्मस्थलों के कपाट



डीएम व एसपी खीरी ने धर्मगुरूओं के साथ की बैठक

धर्मस्थलों पर गाइडलाइन के शत-प्रतिशत अनुपालन के साथ ही सोशल डिस्टेसिंग,मास्क व फेस कवर किया अनिवार्य


एस.पी.तिवारी/नित्यानंद बाजपेयी
लखीमपुर-खीरी,07 June 2020
रविवार को जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह व पुलिस अधीक्षक पूनम ने धर्मगुरूओं के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की।
www.thecurrentscenario.com
सोमवार से जिले के सभी धर्मस्थलों को खोले जाने पर विस्तृत चर्चा की और धर्मस्थलों को खोलने हेतु जारी गाइडलाइन के सम्बन्ध में जानकारी देकर इसका अक्षरक्षः अनुपालन करने के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।बैठक की अध्यक्षता करते हुए डी.एम खीरी ने कहा कि आप सब के सहयोग एवं सूझबूझ का ही नतीजा है, समुदाय में कोविड संक्रमण का प्रसार नहीं हुआ है।
www.thecurrentscenario.com
वर्तमान परिस्थितियों में कोविड के बढ़ते प्रसार के दृष्टिगत आगे भी इसी प्रकार और अधिक सर्तकता एवं सावधानी बरतने की आवश्यकता है,जिससे स्वयं के साथ-साथ समूचे जनपद को कोविड के संक्रमण से बचाया जा सकता है।उन्होंने कहा केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुक्रम में जिला प्रशासन द्वारा धर्मस्थलों को खोलने के सम्बन्ध में जारी गाइडलाइन्स एवं एडवाइजरी का अक्षरशः अनुपालन किया जाये।
www.thecurrentscenario.com
सोमवार से जिले में कन्टेनमेंट जोन को छोड़कर शेष स्थानों में धार्मिक पूजा स्थल खोले जा सकते है। धर्मस्थलों में एक बार में पांच से अधिक लोग प्रवेश नहीं कर सकेंगे।डी.एम ने कहा कि धर्मस्थलों पर प्रसाद के वितरण एवं जल के छिड़काव के लिए मनाही रहेगी वहीं पुलिस अधीक्षक पूनम ने जारी गाइड लाइन्स के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि यह सुनिश्चित किया जाय कि प्रत्येक धर्म-स्थल के अन्दर एक बार में एक स्थान पर पांच से अधिक श्रद्धालु न हो। प्रवेश-द्वार पर हाथों को कीटाणु-रहित करने हेतु एल्कोहल युक्त सैनिटाइजर का प्रयोग किया जाये एवं इन्फ्रारेड-थर्मामीटर की भी व्यवस्था यथासम्भव की जाये। जिन व्यक्तियों में कोई लक्षण प्रदर्शित नहीं होगा,केवल उन्हें ही परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी। सभी प्रवेश करने वाले व्यक्तियों को फेस-कवर/मास्क का प्रयोग करना अनिवार्य होगा। कोविड-19 महामारी के सम्बन्ध में रोकथाम सम्बन्धी उपायों के रूप में जन-जागरूकता के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु परिसर में पोस्टर/स्टैन्डीज का प्रयोग प्रमुखता से करना होगा।जहां तक सम्भव हो आने वाले व्यक्तियों को विभिन्न समूहों में विभाजित करते हुए परिसर में प्रवेश करने की व्यवस्था की जाए जिससे कि अनावश्यक भीड़-भाड़ न हो और संक्रमण का प्रसार न होने पाये।परिसरों के बाहर पार्किंग स्थलों पर भीड़ प्रबन्धन करते समय सोशल-डिस्टेंन्सिग का कड़ाई से अनुपालन करना होगा। पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम/माइक से सभी व्यक्तियों/आगन्तुकों को कोविड-19 संक्रमण से बचाव के बारे में लगातार जागरुक किया जाये। परिसर के बाहर स्थित किसी भी प्रकार की दुकानों, स्टॉल,कैफेटेरिया इत्यादि पर भी पूरे समय सोशल डिस्टेंन्सिग के मानकों का कड़ाई से अनुपालन करना होगा।लाइनों में सभी व्यक्ति एक-दूसरे से कम से कम 6 फिट की शारीरिक दूरी पर रहेंगे। बैठने के स्थानों को भी सोशल-डिस्टेन्सिंग के अनुसार व्यवस्थित किया जाये।वेन्टिलेशन/एयर-कंडीशनरों आदि के साधनों के प्रयोग के समय तापमान 24-30 डिग्री के मध्य होना चाहिए। आर्द्रता की सीमा 40 से 70 प्रतिशत के मध्य होनी चाहिए।क्रॉस-वैन्टिलेशन का प्रबन्धन इस प्रकार से होना चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा ताजी हवा अन्दर आ सके। प्रतिरूप/मूर्तियों/पवित्र ग्रन्थों आदि को स्पर्श करने की अनुमति नहीं होगी।सभाएं व मण्डली निषिद्ध रहेंगी।संक्रमण फैलने के खतरे के दृष्टिगत रिकार्ड किए हुए भक्ति संगीत/गाये व बजाये जा सकते हैं, किन्तु समूह में इकठ्ठे होकर गायन की अनुमति नहीं होगी। प्रार्थना-सभाओं हेतु एक ही मैट/दरी के प्रयोग से बचा जाए। वहि श्रद्धालु एवं पुजारी समेत कोई भी किसी को किसी रुप में स्पर्श न करें।लंगर,सामुदायिक-रसोई, अन्न-दान आदि हेतु भोजन तैयार/वितरित करते समय शारिरिक-दूरी के मानकों का अनुपालन करना होगा। सभी धर्मगुरूओं द्वारा प्रशासन को एक स्वर में पूरी संजीदगी से गाइडलाइन्स का अनुपालन करने हेतु आश्वस्त किया।बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. मनोज अग्रवाल,अपर पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र लाल,अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. आरपी दीक्षित,उपजिलाधिकारी सदर डाॅ. अरूण कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी डाॅ. अमरेश, पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर विजय आनन्द,शहर कोतवाल अजय प्रकाश मिश्र सहित धर्मस्थलों के धर्मगुरू एवं उनके प्रतिनिधि मौजूद रहे।