THE CURRENT SCENARIO

Advertisement

BREAKING

BSE-SENSEX:: 59,015.89 −125.27 (0.21%) :: :: NSE :: Nifty:: 17,585.15 −44.35 (0.25%)_ ::US$_:: 73.55 Indian Rupee_.

Thursday, May 28, 2020

TCS

कोरोना वायरस के महा योद्धा -
(श्रीप्रकाश सिंह निमराजे)
अध्यक्ष, गोपाल किरन समाज सेवी संस्था, ग्वालियर,म.प्र. स्वच्छ भारत निर्माण परिषद ने किया सम्मान

ब्यूरोचीफ संदीप शुक्ला
ग्वालियर,28 May 2020
कोरोना महामारी से भारत जैसे विशाल देश को और इसकी एकसौ तीस करोड़ जनता को बचाने के 24 मार्च को रात्री आठ बजे प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने रात 12 बजे लाॅकडाऊन की घोषणा कर दी! सारा राष्ट्र अवाक और हैरान होकर स्तब्ध रह गया कि अचानक न कोई तैयारी और न कोई सूसर और देश टोटल लाॅकडाऊन के हवाले, मगर यह प्रश्न था कोरोना जैसी महामारी से खुद को और देश को बचाने का एकमात्र उपाय है न चाहते हुये भी राष्ट्र ने इसको स्वीकार किया!
www.thecurrentscenario.com
लाॅकडाऊन -1 के बाद लाॅकडाऊन -2 फिर 3 और अब 4 जो 31 मई तक चलेगा! हालांकि अब कोरोना की चिंता छोड़ आहिस्ता-आहिस्ता देश सामान्यता की और बढ़ रहा है! अभी हाल ही में जिला प्रशासन ने कोरोना महामारी के बीच जिले में इससे लड़ने वाले कोरोना योद्धाओं की एक सूची तैयार की जिनमें डाॅक्टर्स, सरकारी कर्मचारी और समाज सेवियों को अपनी जान-जोखिम में डालकर लोगों की मदद करने के लिए ........ द्वारा सम्मानित किया! निश्चित ही यह एक अच्छा और उत्साहवर्धन करना वाला  कदम था, ऐसे आयोजन महामारी के समय होते रहने चाहिये जिससे अन्य लोग भी मजबूर और बेबस लोगों की मदद के लिए संस्था  के माध्यम से आगे आयें।
www.thecurrentscenario.com
जिन्होने न केवल तन और मन से जरुरत मंदों की सेवा की बल्कि धन की कमी भी नहीं आने दी! उन बहुत सारे कोराना योद्धाओं की सूची में एक नाम बहुत महत्वपूर्ण है जिसे मेने बहुत नजदीक से दिन तो दिन रात में भी लोगों की मदद करते हुये अपने घरों में कैद ग्वालियर, की जनता की जनता की निस्वार्थ सेवा करते अपनी आंखों  से देखा आपातकाल में जिन जरुरत मंदो की मदद की है वे हमैशा उन्हें अपने दिलों में महफूज रखेंगे! ऐसे ही कोरोना महायोद्धाओं में एक नाम है श्रीप्रकाश सिंह निमराजे
 जिन्हें लोग प्यार से और उनकी महान समाज सेवा को देखते हुए 'प्रकाश
' के नाम से पुकारते हैं!
जो गोपाल किरण समाजसेवी संस्था,
के प्रमुख हैं कोरोना कोविद 19 नामक महामारी से मुकाबले के लिए अपने पूरे संगठन के साथ कार्य किये और कर रहे  हैं। लाॅकडाऊन की घोषणा के बाद तत्काल ट्रेन बंद,हवाई जहाज बंद, घर से निकलना बंद सारे रास्ते कोरोना के वास्ते बंद, अजीब कशमोकश में देश फंस गया और फंस गये वे लाखो-करोड़ों भारतीय जो दीगर शहर में पढ़ने-लिखने, अपने रिस्तेदारों से मिलने और दूर-दराज के क्षेत्रों में दो जून की रोजी रोटी का इंतजाम करने गये गये थे! उन्होने इस लाॅकडाऊन में कोरोना से बचने से ज्यादा दूर-दराज के क्षेत्रों में अपने घरों में लोटने का फैसला किया!
नतिजा पूरी दुनिया और देश ने देखा कि किस कदर लाखो मजदूर और बेबस लोग ट्रकों में जानवरों की तरह लदकर और पैदल ही अपने घरों और गांव की और निकल लिये! ऐसे भूखे-प्यासे हजारों मजदूर और बेबस लोग छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं के साथ दीगर राज्यों से चम्बल नदी पार कर ग्वालियर,
 जिले की सीमा में पहुंचे में पहुंचे, मगर यहां उनके लिए आत्म संतोष की बात थी गरम-गरम खाने के साथ उनका इस्तकबाल करने के लिए सिंघम और उनकी टीम खड़ी थी! जब तक राज्य सरकार इस पर संज्ञान लेती तब तक बीस दिनों तक गोपाल किरन समाज सेवी संस्था
 के माध्यम से खाना और पानी उन जरुरत मंदो के हवाले किया गया! इधर शहर में जब हर कोई करोना के भय से घरों छुप गये तब ऐसे हालातों में अपनी जान-जोखिम में डालकर अपनी ड्यूटी को अंजाम दे रहे पुलिस व सरकारी मुलाजिमों तक कई रोज सिंघम ने उनका ख्याल रखते हुये खाने के डिब्बे पहुंचाये! अब जब जरुरत मंद की मदद का सिलसिला शुरु हो ही गया तो सिंघम ने लाॅकडाऊन में फंसे अनेक गरीब और मजदूरों के घरों पर खाना और राशन भेजा और खुद भी ही देने गये! मामला यहीं नहीं रुका शहर में विचरण करने वाले रोज सुबह शाम अन्न क्षेत्रों में खाना खाने वाला ..... और निरीह लोगों को खाने खिलाने की भी उन्होने मुहीम शुरु की और साथियों के साथ भंडारे की व्यवस्था की जो दो महिने तक सफलता पूर्वक चली! न जाने कितने सपन्न मगर जरुरत मंद परिवारों के लिए सिंघम एक परिवार के सदस्य के रुप में अवतरित हुये!कई घरों में निशुल्क सामान पहुंचाना, मरीजों द्वारा बताई गई दवाइयां पहुंचाना, और भी ऐसी जरुरी मदद जो लाॅकडाऊन में किसी के लिए संभव नहीं थी वो सिंघम और उनकी टीम हर जरुरत मंद को पहुंचाई! इससे भारत की जनता का ये विश्वास और मजबूत हुआ है कि कैसी भी बड़ी विपदा या महामारी हो उसके पास सिंघम जैसे हजारों बेटे हैं जो अपने पूर्वजों से प्रेरणा पाकर हर जरुरत मंद की मदद करके अपने शहर और परिवार का नाम रोशन करते हैं!सही मायने में कहा जाये कि अन्य समाज सेवी और योद्धाओं के बीच सिंघम कोरोना वायरस में महायोद्धा के रूप में सामने आये हैं! मैं उनकी निस्वार्थ सेवा को देखते हुए कह सकता हूँ कि लाॅकडाऊन के काले स्याह अंधेरे में भी उन्होने हर जरुरत मंद की वो जरुरत पूरी की जिसको पूरी करना प्रशासन, दुकानदार या अन्य किसी के लिए मुमकीन नहीं था! मैं उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुये भगवान से प्रार्थना करता हूँ कि 'आदमी हूं आदमी से प्यार करता हूँ 'की भावना उनमें सदा बनी रहे
यह भी उल्लेखनीय है कि
श्रीप्रकाश सिंह निमराजे
अध्यक्ष, गोपाल किरन समाज सेवी संस्था, (रजि.),ग्वालियर,
 होकर शहर की
 प्रमुख  सामाजिक संस्था के सदस्य हैं।  साथ ही जिला बाल अधिकार के फॉर्म के समन्वयक है ।इससे पहले

अंतररास्ट्रीय पी.पी.एफ  कोरोना वारियर" सम्मान, कोरोना वारियर  एजाज़ (सम्मान)- हिन्द कि स्याही न्यूज़ पेपर, “उम्मीद सोशल वेलफेयर डेवलपमेंट सोसायटी, जयपुर”एवं पड़ोसी देश नेपाल की संस्था “गाँधी पीस फौंडेशन नेपाल”,शिवानी  नेचुरल केअर एंड रिसर्च सेंटर चन्द्रपुर महाराष्ट्र  राजनीति के पाठशाला आदि के द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।