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Tuesday, May 26, 2020

TCS

डी.जी.पी फरमान ताक पर रख पत्रकारों पर लिखे गये झूठे मुकदमे

शायद एस.पी. खीरी अपनी शैली में चलाना चाहती हैं जिला

निष्पक्ष लिखने वाले पत्रकारों का किया जा रहा उत्पीड़न,लिखे जा रहे झूठे मुकदमें व किसी-2 को किया जा रहा अपमानित


पत्रकार उत्पीड़न के विरुद्ध लामबंद पत्रकार संगठनों ने एडीजी पुलिस को सौंपा ज्ञापन 

ब्यूरोचीफ संदीप शुक्ला
लखीमपुर-खीरी,26 May 2020
पत्रकारों की सुरक्षा के संबंध में पुलिस महानिदेशक द्वारा जारी आदेश की अवहेलना करते हुए कोतवाली सदर पुलिस को पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दे दिया और मुकदमा पंजीकृत करवा दिया गया बताया जा रहा है ऐसा उन्होंने एक अपने विभागीय मातहत व एक माननीय के दबाव में किया गया है।लखीमपुर कोतवाली सदर में मु. अ. सं. 0643/2020 अंतर्गत धारा 420,406,323,394,506, 354 आई.पी.सी के तहत दिनांक 23 मई 2020 को पंजीकृत किया गया जो पूर्णतः आधारहीन व साक्ष्यों से रहित कपोल कल्पित घटनाक्रम रचकर पत्रकार को नाहक परेशान करने व अपनी रंजिश निकालने की नियत से पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तैनात एक निरीक्षक की वादी मुकदमा से सांठ-गांठ होने के चलते लिखा गया था कहते हैं "सत्य को दबाया जा सकता है लेकिन पराजित नहीं" ऐसा ही एक मामला कोतवाली सदर लखीमपुर में चर्चा का विषय बना है।
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गौरतलब हो कि मु. अ. सं. 0643/2020 की वादिनी द्वारा इससे पूर्व में 11 मार्च को उ० प्र० पुलिस को ट्विटर हैंडल पर ट्वीट किए गए प्रार्थना पत्र में वादिनी नीलमा तिवारी ने कथन किया था कि आरोपी सत्येन्द्र प्रकाश तिवारी व धर्मेन्द्र पांडेय ने लखनऊ स्थित वृंदावन योजना में प्लाट दिखाकर दिनांक 4-10-2019 को उसके रुपए 3 लाख 50 हजार रुपए ठग लिए और पैसा मांगने पर बच्चों सहित हत्या कर लाश गायब कर देने के आरोप लगाये थे।उक्त शिकायती पत्र पुलिस अधीक्षक खीरी को संबोधित था और शिकायत प्रकोष्ठ के माध्यम से दिया भी गया था।यह तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सदर को कार्यवाही हेतु निर्देशित भी किया गया था और संज्ञान में मामला भी था।जिसमें कार्यवाही ना होने पर आहत नीलिमा तिवारी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के एक निरीक्षक व कोतवाली में दिन-रात जमे रहने वाले चन्द चाटुकारों के साथ कपोल कल्पित घटनाक्रम रचकर फर्जी ढंग से फंसाने की नियत से मुकदमा पंजीकृत करा दिया गया,जबकि पुलिस महानिदेशक कार्यालय के पंत्राक संख्या डी.जी.आठ 140(25)2017-19 दिनांक 15 नवंबर 2019 में एक आदेश जारी किया था जिसका प्रभावी अनुपालन कराए जाने के लिए प्रवीण कुमार पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा समस्त पुलिस अधीक्षकों को कड़ाई से अनुपालन के फरमान भी जारी किए थे उक्त आदेश के क्रम संख्या 3 पर स्पष्ट उल्लेख है कि पत्रकारों और उनके परिजनों के विरुद्ध कोई प्रकरण आने पर उसकी किसी राजपत्रित अधिकारी से जांच कराने के बाद ही कोई कार्यवाही की जाए पर ऐसा कोतवाली पुलिस द्वारा नहीं किया गया। सीधे रिपोर्ट दर्ज कर मानसिक सामाजिक उत्पीड़न किया गया।यदि दर्ज रिपोर्ट के घटनाक्रम पर गहनता से गौर करें तो दिनांक 11 मार्च को प्रार्थना पत्र में 1 लाख 75 हजार अनुज शुक्ला व 1लाख 75 हजार स्वयं द्वारा लखनऊ में प्लाट के नाम पर ठगी व 23-05- 2020 को लिखाई गई रिपोर्ट में दिनांक व घटनाक्रम लखीमपुर का दिखाया गया है क्या एक बार ठगा गया व्यक्ति दुबारा उस व्यक्ति के पास जाएगा ? कोई भी इतनी बड़ी धनराशि नगद दे देगा और 3 लाख 50 हजार रुपए नगद यह कहां से लाई।उक्त प्रार्थना पत्र में आरोपी सत्येंद्र प्रकाश तिवारी‌ व धर्मेन्द्र पाण्डेय थे तो इस बार की दर्ज एफआईआर में नित्यानंद बाजपेयी,नवाब टेलर व एक अज्ञात को लिखाया गया।जबकि धर्मेन्द्र पान्डे का नाम वापस लिया जाना घटना की वास्तविकता पर संदेह उत्पन्न करता है अपने ऊपर लिखाये गये फर्जी मुकदमे से आहत नित्यानंद बाजपेयी ने पत्रकार संगठनों के बैनर तले
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समस्त साक्ष्यो में नीलिमा द्वारा ट्वीटर पर उत्तर प्रदेश पुलिस को ट्वीट किए गए प्रार्थना पत्र की प्रति डीजीपी द्वारा आदेश की प्रति सहित अन्य प्रर्याप्त साक्ष्यों समेत पुलिस महानिदेशक,पुलिस महानिदेशक अपर,सूचना महानिदेशक सहित कानून मंत्री एवं अन्य आला अफसरों को देकर निष्पक्ष जांच कराए जाने के साथ घटना दिनांक 30-01-2020 की प्रार्थी व नीलिमा तिवारी की लोकेशन निकलवाए जाने का भी पीड़ित ने मांग की है वहीं पत्रकार संगठनों ने पत्रकारों का उत्पीड़न तत्काल रोके जाने व दर्ज झूठे मुकदमे तत्काल निरस्त किए जाने की मांग की है।अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच के आदेश पुलिस अधीक्षक खीरी को दिए हैं।