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Friday, May 22, 2020

TCS

लगातार नेपाली श्रमिकों के आने से डर रहे नगरवासी

दो दिन पूर्व ही हजारो नेपाली कामगारों को भेजा गया उनके वतन

राहुल गुप्ता/नित्यानंद बाजपेयी✍️
२३ मई२०२० पलिया कलां-खीरी
जनपद खीरी के पलिया कलां में कोविड19के चलते भारत के विभिन्न राज्यो में काम कर रहे प्रवासी नेपाली कामगार अपने वतन नेपाल वापसी की आस लिए बड़ी संख्या में इंडो नेपाल सीमा के गौरीफंटा बॉर्डर पहुँच रहे हैं।जिन्हें तीन दिन पूर्व ही नेपाल सरकार के द्वारा अनुमति न मिलने के कारण पलिया के कई स्कूलों व मैरिज हालों में ठहराया गया था।मगर दूसरे दिन ही हजारो की तादात में रुके हुए नेपाली श्रमिको ने अपने वतन जाने की जिद ठानकर पूरे नगर में भ्रमण करते हुए अपनी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
किया।जिसके बाद नेपाल सरकार से अनुमति मिलने के बाद सभी नेपाली श्रमिकों को पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों व एसएसबी कमाण्डेन्ट की मौजूदगी में नेपाल भेजा गया।वही दूसरे दिन से ही हजारों की संख्या में नेपाली श्रमिक फिर गौरीफंटा बॉर्डर पहुंचे जिन्हें नेपाल सरकार ने लेने से मना कर दिया गया।अपने देश मे न लिए जाने के कारण फिर हजारों की संख्या में नेपाली श्रमिक पलिया पहुचे जिन्हें देखकर नगरवासी डरे सहमे हुए हैं।हालांकि सभी श्रमिकों को पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा स्कूलों एवं मैरिज
हालों में ठहराया गया है।बताते चले कि बड़ी संख्या में जो मजदूर नेपाल भेजे गए हैं।उनमें बड़ी तादात में कोरोना संक्रमण की पुष्टि की गई है।नगर वासियो का कहना है कि जिस तरह से प्रशासन के द्वारा इन श्रमिको को बगैर जांच किये रोका जा रहा है।अगर नेपाल की तरह इनमें भी कोरोना पॉजिटिव निकले तो स्थित बहुत ही डरावनी हो सकती है।वही लोगो मे प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश भी दिख रहा है।बताया जाता है कि पहले रोके गए सभी नेपाली श्रमिक पूरे नगर में घूम रहे थे।जबकि प्रशासन के द्वारा इक्का दुक्का जगहों को ही सेनिटाइज कराकर इतिश्री की गई।जबकि पूरे नगर को सेनिटाइजर करवाने की जरूरत है।वही नगरवासियों का कहना है कि बाहर से आ रहे श्रमिकों को नगर से बाहर ही ठहराने की व्यवस्था की जाए।जिससे नगर में संक्रमण का खतरा कम हो।