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Thursday, May 21, 2020

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कृषि विज्ञान केंद्र झाबुआ की ओर से किसान भाइयों को सलाह

झाबुआ ब्यूरोचीफ ( रहीम शेरानी )
झाबुआ नीमच एवं मंदसौर जिले से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार राजस्थान से सटे मनासा भानपुरा क्षेत्र तक टिड्डी दल पहुच चुका है। यह टिड्डी दल जिस ओर बढ़ता है वहां की सभी फसलों एवं समस्त वनस्पति को खाकर नष्ट कर देता है।
कृषि विज्ञान केंद्र झाबुआ के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉण आईण् एसण् तोमर ने इससे बचाव के लिए किसान भाइयों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए बताया है कि टिड्डियां बड़ी संख्या में एक साथ आती हैंए दिन में उड़ती हैं तथा रात में
बैठती हैं किसान भाई टिड्डियों के आक्रमण की शुरुआत में ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से कर्कस आवाज कर अपने खेतों में टिड्डियों को न बैठने दे एवं रात में प्रकाश प्रपंच लगाकर टिड्डियों को एकत्र कर नष्ट करें। साथ ही रात में अपने खेतों में टिड्डियों को झुण्ड में बैठे देखें तो रात में ही अपने खेतो में कल्टीवेटर या रोटावेटर चलाकर खेतो में बैठे टिड्डियों एवं इनके अण्डों को नष्ट करें साथ ही कल्टीवेटर के पीछे खंभाए लोहे का पाइप या कोई ऐसी वस्तु बांध के चलाये जिससे पीछे की भूमि वापस समतल हो जाये तथा टिड्डी दल उसमें दबने से मर जाये। इसके साथ इसकी जानकारी तुरंत जिला  प्रशासन को दे। टिड्डी का तीब्र आक्रमण होने पर इसके नियंत्रण के लिए  बेन्डियोकार्ब 80 प्रतिशत 125 ग्राम या

क्लोरपाइरीफास 20 ईसी 1200 मिलीण् या क्लोरपाइरीफास 50 ईसी 480 मिलीण् या डेल्टामेथ्रिन 1ण्25 प्रतिशत यूएलव्ही 1400 मिलीण् या डेल्टामेथ्रिन 2ण्8 प्रतिशत यूएलव्ही 625 मिलीण् या डाईफ्लुबेनज्यूरोन 25 प्रतिशत डब्ल्यूपी 120 ग्राम या लेम्डासाईहेलोथ्रिन 5 ईसी 400 मिलीण् या लेम्डासाईहेलोथ्रिन 10 प्रतिशत डब्ल्यूपी 200 ग्राम प्रति हेक्टेयर कीटनाशक का उपयोग किया जा सकता है। अकृषि क्षेत्र में टिड्डी कीट नियंत्रण के लिए उपरोक्त कीटनाशको के अलावा फेनवेलेरेट 0ण्4 प्रतिशत डीण्पीण् 25 किण्ग्राण् या क्वीनालफास 1ण्5 प्रतिशत डीपी25 कि.ग्रा.प्रति हेक्टेयर की दर से कीटनाशकों का उपयोग किया जा सकता है।
वर्तमान में किसान भाई अपनी खरीफ की फसलों की खेती की तैयारी हेतु लिए खेतों से मृदा परीक्षण के लिए  मृदा नमूना लेने के बाद खेतों की गहरी जुताई कराएं। फलदार बाग लगाने के लिए उचित दूरी पर गड्ढों की खुदाई करें। बीज एवं पौध की उन्नत किस्मों की व्यवस्था विश्वसनीय संस्थानों से करें। स्वयं के बीज का अंकुरण प्रतिशत की जाँच करें। पशुओं को एन्थेक्स रोगए गलघोटू व लंगड़ी बुखार का टीका लगवाएं एवं कृमिनाशक दवा पिलायें। इस समय दिन का तापमान 40 डि.से.से अधिक होने से घर से मिकलने के पूर्व लू से बचाव के लिये कच्चे आम का शर्बत पी कर निकलें।
इन सभी कृषिगत कार्यों के दौरान कोरोना वायरस से बचाव के लिए  शासन व्दारा दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करें। घर से बाहर निकलते समय चेहरे पर मास्क लगाकर निकलें एवं सामाजिक दूरी बनाकर रखेंए बार.बार हाथो को साबुन से कम से कम 20 सेकण्ड तक धोएं या सेनेटाइज़र का उपयोग करें।