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Tuesday, May 5, 2020

TCS

फोन कर बच्चों के अभिभावकों से जबरन फीस की डिमांड कर रहे स्कूल प्रबंधक

कोर्स के नाम पर लाखों रुपये खाते हैं कमीशन,फिर भी नही भरता पेट

हर साल अपने निजी लाभ के लिये बदल देते हैं किताबे


ब्यूरोचीफ एस.पी.तिवारी/पुनीत शुक्ला
लखीमपुर-खीरी,05 May 2020
कोरोना वायरस के चलते सभी का व्यापार ठप हो गया है।ऐसे में लोग घरों में रखे अपने पैसे से जैसे तैसे अपने व अपने परिवार का खर्चा चला रहे हैं।स्कूलों में शिक्षण कार्य बंद होने के बावजूद ऑनलाइन पढ़ाई कराने के नाम पर स्कूल के प्रबंधकों ने बच्चों के अभिभावकों से फीस की डिमांड शुरु कर दी है जिससे अभिभावक खासा परेशान हैं।कोरोना वायरस को लेकर स्कूलों में शिक्षण कार्य बाधित है।निजी स्कूलों ने सरकार की ओर से फीस वसूली पर दी गई छूट का गलत फायदा उठाना शुरू कर दिया है। निजी स्कूल फीस के लिए अभिभावकों पर लगातार दबाव बनाया जाने लगा है। इतना ही नहीं स्कूल प्रबंधक अभिभावकों से फीस जमा करवाने के लिये आधी फीस देने का भी ऑफर दे रहे हैं।अब अभिभावक असमंजस में हैं कि क्या करें क्या ना करें। इस भंयकर महामारी में पूरा देश एक दूसरे की मदद कर रहा है।
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लेकिन प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधकों के आगे कोई भी नियम मायने नहीं रखते हैं। लोगों की जेबों पर डाका डालने का काम चालू कर दिया है। कोर्स बिक्री में भी स्कूल प्रबंधन लाखों रुपये कमीशन वसूलता है। बता दें कि पूर्व में राज्य सरकार ने लॉकडाउन खुलने तक निजी स्कूलों की फीस वसूली पर रोक लगा रखी थी। लेकिन निजी स्कूलों ने कर्मचारियों को वेतन देने, बैंक की ईएमआई चुकाने समेत दूसरे कारणों का हवाला देते हुए फीस वसूली की इजाजत मांगी। जिस पर दो दिन पहले ही प्रदेश सरकार की सहमति से शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को सशर्त फीस वसूलने की इजाजत दे दी है। निर्देशों में यह साफ किया गया है कि कोई भी स्कूल किसी भी अभिभावक पर फीस वसूली के लिए दबाव नहीं बनाएगा। जो अभिभावक सहमति से फीस चुकाएंगे,केवल उन्हीं से फीस वसूली की जाएगी। फीस जमा न करने की स्थिति में स्कूल को छात्र-छात्रओं का नाम भी नहीं काटने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। फीस वसूली की छूट मिलने के दूसरे दिन से ही कुछ निजी स्कूल अपनी मनमानी पर उतर आए हैं। अभिभावकों को लगातार फीस भरने के लिए वाट्सऐप पर मैसेज और कॉल किए जा रहे हैं। अभिभावकों की ओर से असमर्थता जताने की स्थिति में स्कूल अभिभावकों को कम से कम आधी फीस जमा करने के लिए कह रहे हैं। कोई भी नियम स्कूल प्रबंधक के आगे मायने नहीं रखते हैं चाहे वो ड्रेस का कमाई हो या किताबों की कमाई फिर वैश्विक महामारी में भी अभिभावकों पर पर डाका डालने का शिलशिला बदस्तूर जारी रहेगा या फिर इस वसूली पर लगाम लगेगी।