THE CURRENT SCENARIO

Advertisement

BREAKING

BSE-SENSEX:: 59,015.89 −125.27 (0.21%) :: :: NSE :: Nifty:: 17,585.15 −44.35 (0.25%)_ ::US$_:: 73.55 Indian Rupee_.

Sunday, April 12, 2020

World

अमरीकी रक्षा मंत्री अचानक पहुंचे इराक़ , राष्ट्रपति व भावी प्रधानमंत्री से भेंट का दावा, क्या होने वाला है इराक़ में?

Sajjad Ali Nayane
13 April 2020
अमरीका के रक्षा मंत्री अचानक इराक में अमरीकी छवनी एनुलअसद पहुंच गये और कुछ संचार माध्यमों ने खबर दी कि इराक़ के राष्ट्रपति ने कई अन्य अधिकारियों के साथ उनसे भेंट की है।
इराक़ी राष्ट्रपति के निकट सूत्रों ने उन खबरों का कड़ाई के साथ खंडन किया है जिनमें कहा गया है कि इराक़ी राष्ट्रपति बरहम सालेह ने अमरीकी रक्षा मंत्री से भेंट की है।
इन सूत्रों ने बताया है कि इराक़ के राष्ट्रपति ने किसी भी अमरीकी अधिकारी से भेंट नहीं की है।
इराक़ी राष्ट्रपति के निकट सूत्र ने इस प्रकार की अफवाहों पर हैरत ज़ाहिर करते हुए कहा कि कुछ संचार माध्यम बिना किसी आधार पर खबर दे देते हैं।
दर अस्ल शनिवार को कुछ संचार माध्यमों ने दावा किया था कि अमरीका के उप राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री ने इराक़ में अमरीकी छावनी एनुलअसद की औचक यात्रा की। यह छावनी पश्चिमी इराक़ के अलअंबार प्रान्त में स्थित है और इसी दौरान इराक़ी राष्ट्रपति बरहम सालेह भी अलअंबार की यात्रा पर थे। संचार माध्यमों ने दावा किया था कि अमरीका के उप राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री ने इराक़ के  राष्ट्रपति के अलावा, इस देश के संसद सभापति और मनोनीत प्रधानमंत्री मुस्तफा अलकाज़मी से भी भेंट की थी।
इराक़ी राष्ट्रपति से निकट सूत्रों ने बताया है कि राष्ट्रपति बरहम सालेह ने अलअंबार प्रान्त की यात्रा के दौरान किसी भी अमरीकी अधिकारी से भेंट नहीं की और अमरीका के रक्षा मंत्री और उप राष्ट्रपति की यात्रा का उद्देश्य, एनुलअसद छावनी में पेट्रयॅाट एन्टी मिसाइल सिस्टम लगाने से संबंधित है।
याद रहे हालिया दिनों में इस प्रकार की रिपोर्टें आ रही हैं कि अमरीका इराक़ में कोई बड़ी कार्यवाही करने वाला है।
इसके लिए अमरीका ने अपनी सैन्य गतिविधियां भी बढ़ा दी हैं और इराक़ की छोटी छोटी छावनियों को खाली करके वह अपने सैनिक इराक़ की दो छावनियों के एकत्रित कर रहा है।
इसके साथ ही अमरीका ने पिछले हफ्ते सीरिया के आतंकवादी संगठन दाइश के 8 कमांडरों को इराक़ में अपनी छावनी एनुल असद में पहुंचाया है जिसके बाद इराक़ में अमरीकी साज़िश की आशंका और प्रबल हो गयी।