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Tuesday, January 21, 2020

Corruption

20 वर्षो से एक ही स्थान पर तैनात रहे बाबू भजन लाल ने बनाई करोड़ों की नामी बेनामी संपत्ति

हाल ही रिश्वत लेते इनका हुआ था वीडियो वायरल, मामले की लीपापोती कर मामला हो गया रफा दफा, यह है बाबू भजनलाल का रसूख यदि बाबू भजनलाल की हो भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम से जांच तो कई करोड़ रुपए का होगा भ्रष्टाचार उजागर

एस.पी.तिवारी/नित्यानंद बाजपेयी 
लखीमपुर-खीरी (उ.प्र)
भले ही उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ जन सभाओं में प्रदेश को भ्रष्टाचार व अपराध मुक्त प्रदेश बनाने के बड़े-बड़े दावे करके अपनी पीठ थपथपा कर स्वयं गदगद हो रहे हो पर जमीनी हकीकत इसके ठीक विपरीत ही दिखाई पड़ रही है।जनपद लखीमपुर खीरी में बह रही भ्रष्टाचार की गंगा में हिचकोले लगा रहे कई साहबान योगी के दावों की पोल खोल कर रख दी है। अभी हाल ही में विकास भवन में बाबू भजनलाल का रिश्वत लेते हुए वायरल वीडियो इसका ज्वलंत उदाहरण पेश करने को काफी है।बताते चलें विकास भवन खीरी के पंचायती राज विभाग एवं विकास विभाग में भ्रष्टाचार का इतिहास काफी पुराना रहा है तथा भ्रष्टाचारी इतिहास का अंबार लगा देखा जा सकता है यह सब तो
जिलाधिकारी खीरी अथवा मुख्य विकास अधिकारी खीरी को भी दिखाई नहीं पड़ रहा है कई अधिकारियों व कर्मचारियों की आय से अधिक संपत्ति के मामलों की जांच सीबीआई अथवा भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम गठित कर उच्च स्तरीय जांच हो तो अरबों रुपए के सरकारी धन गबन का मामला उजागर होगा।इसी क्रम में विकास भवन लखीमपुर खीरी में 20 वर्षों से एक ही जगह पर तैनात बाबू भजन लाल ने अपने पैत्रक गांव भंसडिया  विकास खण्ड व तहसील लखीमपुर खीरी में लगभग एक आलीशान हवेली खड़ी कर ली है।जिसकी कीमत लगभग 2 करोड रुपए सूत्रों द्वारा आकी जा रही है।उक्त बाबू द्वारा एक फार्म हाउस भी है।विकास भवन कार्यालय लखीमपुर में अल्प समय से ही भ्रष्टाचार करके करोड़ों की संपत्ति अपने व अपने परिजनों के नाम खरीदी है इतना ही नहीं उक्त बाबू के पास संपत्तियों का अंबार है।बाबू भजन लाल ने तत्कालीन डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद की माता देव कुंवर  पत्नी मोती लाल निवासी बोहरा तहसील माधवगढ़ जिला- जालौन के नाम अपनी ग्राम पंचायत बंसडिया में जीरो पॉइंट 737 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी।तत्कालीन डीपीआरओ व बाबू भजन लाल की सांठ-गांठ से बगैर विभागीय अनुमति के खेला गया था।इसमें बाबू भजन लाल द्वारा गवाही की गई थी और भ्रामक व झूठा कथन कर अपने को किसान बताया गया था।जबकि वह एक सरकारी कर्मचारी है यदि उक्त बाबू भजन लाल के भाई-बहन, माता-पिता व पत्नी एवं परिवार के अन्य सदस्यों के नाम अर्जित चल- अचल संपत्ति की गहनता से वर्ष वार जांच की जाए तो इनके द्वारा कारित भारी भ्रष्टाचार एवं रिश्वतखोरी का खुलासा होना तय माना जा रहा है। जांच में उक्त लिपिक व उसके परिजनों के बैंक अकाउंट लाकर्स  सहित अर्जित नामी-बेनामी व चल- अचल संपत्ति का भी ब्यौरा तलब किया जाए तथा नौकरी से पूर्व आय के स्रोत क्या थे आदि को भी शामिल किया जाए तथा उक्त लिपिक से परिवार के नाम दो पहिया व चार पहिया वाहनों में नाम व नंबर,माडल क्रय वर्ष सहित लगभग बीस वर्ष पूर्व कौन-कौन से वाहन तथा परिवार के कौन-कौन से सदस्यों को सरकारी नौकरी प्राप्त थी तथा वर्तमान में कितने सदस्य सरकारी सेवारत हैं यदि डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद जैसी ही हो बाबू भजन लाल पर कार्यवाही और इनके द्वारा किए गए करोड़ों के भ्रष्टाचार की हो उच्च स्तरीय विशेष जांच टीम द्वारा जांच तो होगा बड़ा खुलासा और कई की कलई खुल कर सामने आएगी।