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Monday, November 4, 2019

कठ्ठिवाड़ा धनार माता मन्दिर में अन्नकोट महोत्सव का आयोजन किया गया ।

कठ्ठिवाड़ा धनार माता मन्दिर में अन्नकोट महोत्सव का आयोजन किया गया ।

काठीवाडा:-भरत राठौड़
कठिवाडा धनार माता मन्दिर पर रविवार
 को शैतान मल राठौड़ कि ओर से सार्वजनिक अन्नकुट महोत्सव का आयोजन किया गया। मन्दिर मे उपस्थित सभी भगवान कि प्रतिमा को  मंदिर के भक्त वासुदेव द्वारा सभी का श्रंगार किया गया ओर 12:30 बजे मन्दिर मे भगवान शिवजी, हनुमानजी व अम्बे माता,धनार माता जी को 56 भोग लगाया गया ओर महा आरती का सभी ने लाभ लिया ।

 धनार माता मन्दिर पर पहली बार 56 भोग चढ़ाये इसके पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमे सभी श्रद्धालुओ ने भडारे मे भोजन प्रसादी का लाभ लिया। अन्नकूट का मतलब अन्न का समूह होता हे।ओर  भगवान को अलग अलग तरह कि मिठाईया ओर पकवानों का भोग लगाते हैं। ओर इस मोसम मे मिलने वाली हर तरह कि सब्जियों का मिश्रण कर प्रसाद बनाया जाता हे।

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56 भोग
ऐसी मान्यता हे इन्द्र के प्रकोप से ब्रजवासीयो को बचाने के लिए ओर इन्द्र का घंमड तोड़ने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाया था इन्द्र ने अपनी ताकत का इस्तेमाल कर लगातार सात दिनो तक ब्रज मे मूसलाधार बारिश कराते रहे।तब भगवान कृष्ण ने लगातार सात दिनो तक भुखे प्यासे अपनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाए रखा था इसके बाद उन्हें सात दिनों ओर आठ पहर के हिसाब से 56 व्यंजन खिलाए गये थे माना जाता हे तभी से ये 56 भोग की परम्परा कि शुरुआत हुई । कठिवाडा मे सार्वजनिक रुप से पहली बार 56 भोग का आयोजन हुआ ।