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Sunday, November 10, 2019

देवरी सौभाग्य योजना में लाखों रुपए का हेरफेर अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत से उपभोक्ता एवं विद्युत कंपनी को पहुंचाई क्षति

देवरी सौभाग्य योजना में लाखों रुपए का हेरफेर

अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत से उपभोक्ता एवं विद्युत कंपनी को पहुंचाई क्षति

10-Nov-2019
सतीष सेन
देवरी
 देवरी केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सौभाग्य योजना जिसमें गरीब लोगों के घर घर बिजली पहुंचाने के लिए प्रयास किया गया था लेकिन देवरी विद्युत मंडल के अधिकारियों एवं ठेकेदारों की मिलीभगत से शासन को लाखों रुपए की क्षति पहुंचाते हुए उपभोक्ताओं के साथ फर्जीवाड़ा किया है जिसको लेकर लगातार वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना मिलती रही है जिसके बाद भी अधिकारी कार्यवाही से बचते रहे हैं प्राप्त शिकायतों के आधार पर जानकारी मिली है कि विद्युत विभाग के अधिकारी एवं ठेकेदार की मिलीभगत से नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बिना कनेक्शन बिना मीटर लगाए ही बिजली बिल थमाया जा रहे हैं इस प्रकार के केवल 10-20 उदाहरण ही नहीं है यह संख्या सैकड़ों में है जानकारी के अनुसार नगरीय क्षेत्र में 200 एवं ग्रामीण क्षेत्र में 500 से अधिक फर्जी विद्युत कनेक्शन कर उपभोक्ताओं को बिल थमाया जा रहे हैं जिसके चलते लगातार उपभोक्ता विद्युत विभाग के चक्कर काट रहे हैं.
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जब विद्युत विभाग के सामने उपभोक्ता जाता है तो वरिष्ठ अधिकारी उन्हें शपथ पत्र एवम बिजली बिल जमा करने को कहते है कि आप शपथ पत्र एवम बिल जमा करे तब आपका कनेक्शन समाप्त होगा जिसके बाद उपभोक्ता द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा जाता है कि जब उनके यहां कनेक्शन नहीं हुआ तो वह बिजली बिल एवं शपथ पत्र क्यों दें

क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार गरीब एवं वंचित परिवारों के घर बिजली पहुंचाने के उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा सौभाग्य योजना प्रारंभ की गई थी जिसमें सर्वे के अनुसार कनेक्शन लगाने या ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अपनाई गई थी एक आवेदक के घर मीटर डोरी कट आउट बोर्ड एलईडी बल्ब आदि सामग्री का भुगतान एमपीईबी विभाग द्वारा पंजीकृत ठेकेदार को लगभग 4 हजार रुपये का भुगतान करती है इसके अलावा 1 मीटर भी प्रदान किया जाता है जिसमें नियम अनुसार मीटर लगने के उपरांत  लाइनमैन से लेकर सहायक अभियंता तक के हस्ताक्षर से भुगतान प्रक्रिया एवं भौतिक सत्यापन होता है मामला सामने जब आया जब आवेदकों द्वारा लगातार यह शिकायत की गई थी उनके यहां मीटर विद्युत सप्लाई ना होने के बाद भी विद्युत विभाग द्वारा बिजली बिल थमाया जा रहे हैं इसके बाद  विद्युत उपभोक्ताओं से संपर्क किया गया जिसके बाद पता चला कि यह केवल 10-20 के आंकड़ों में नहीं है बल्कि यह मामला सैकड़ों की संख्या में है


किस प्रकार से हुआ फर्जीवाड़ा
जब नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र में जाकर उपभोक्ताओं से संपर्क किया गया तो पता चला कि मीटर विद्युत कनेक्शन नहीं है और बिल विद्युत विभाग द्वारा दिए जा रहे हैं इसी प्रकार आवेदक द्वारा 1 मीटर लगाने का आवेदन किया गया है जबकि उसी आवेदक के परिवार या उसके नाम पर दो बिल आ रहे हैं एक ही बिल पर 2 मीटर नंबर अंकित हैं इसी प्रकार एक उपभोक्ता द्वारा कोई कनेक्शन ना लिए जाने के बाद भी उसके नाम पर तीन तीन बिल दिए जा रहे हैं उपभोक्ताओं से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आप शपथ पत्र प्रस्तुत कर दें कि मेरे द्वारा उक्त कनेक्शन नहीं कराया गया है तो आप का कनेक्शन समाप्त हो जाएगा जिसके बाद उपभोक्ताओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि ना ही हम बिजली बिल का भुगतान करेंगे ना ही कोई शपथ पत्र प्रस्तुत करेंगे क्योंकि हमारे द्वारा मीटर लगाने के लिए कोई आवेदन नहीं किया गया है तो हमें बिल क्यों थमाया जा रहा है।गरीबों को नहीं मिला सौभाग्य योजना का लाभ